ऊपर देखो, नीचे देखो, आगे देखो, पीछे देखो हमारे चारों ओर सुट-बूंट में ग्रेजुएट बहुरूपिए सेंधमार धाक लगायें हमारे पीछे पीछे साये की तरह घुम रहे हैं। भले ही प्रभावशाली घरों में प्रोग्राम हों या मीडील क्लाश के घरानों में प्रोग्राम हों, सभी जगहों पर, मांगलिक या वैवाहिक कार्यक्रम स्थलों पर मौका लगते ही सेंधमार हाथ साफ करते हैं और बड़ी-बड़ी चोरी करके भाग जाते हैं।

सेंधमारी भी अजिबोगरीब ढंग से कर रहे है।
ये सेंधमार कहीं मेहमानों के रूप में फैमिली के साथ मेहमान बनकर आते हैं तो कहीं वर्कर बनकर, भिन्न भिन्न रूपों में प्रवेश करके घर के मुखिया या मालकिन के इर्द-गिर्द रहकर विश्वासपात्र वर्कर का नाटक करते हुए “भवन से हमारे घर” तक की रेकी कर लेते हैं।
किन्तु हम हमारे आस-पास रहने वाले सेंधमारों पर तनीक मात्र भी संदेह नहीं कर पाते। क्योंकि वो चापलूसी की जादूई कला से विश्वसनीय वर्कर बनकर हमें सम्मोहित कर लेते हैं। दूसरी तरफ अपने साथियों को भी भवन में प्रवेश करा लेते है और मौका मिलते ही बहुत बड़ी चोरी करके भागने में सफल हो जाते हैं।
इसी ही तरह का हाल ही में एक विडियो सामने आया है। जिसमें भवन के हॉल में हर्षोल्लास से मायरे का प्रोग्राम चल रहा है। सगे-संबंधी और महिलाएं गीत और संगीत में लीन हैं। इसी दौरान नगदी व गहनों से भरी हुई बैग को एक महिला चोर सबके सामने से बड़ी चतुराई से बिना किसी रोक-टोक के वहां से बैग चौरी करके गायब हो जाती हैं।
इससे साफ जाहिर है कि ये लेडीज़, जेंट्स व बच्चें चापलूसी के द्वारा सम्मोहित करने की ट्रेनिंग लेकर आते हैं।
प्रसन्न उठता है कि ऐसे चोरों से कैसे बचें?
इसके समाधान में भवनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में सेंधमार चोरों पर अंकुश लगाने के लिए और बढ़ती हुई क्राइम की सुरक्षा में हमें कुछ साहसिक निर्णय लेने चाहिए:-
1.समारोह से जुड़े हुए सभी वर्कर्स, हलवाई, स्टॉल्स, इवेंट्स के सदस्य, हल्दी, मेहंदी, ब्युटिशियन, डांसर, डेकोरेशन, वेटर, सर्वेवर व साफ सफाई एवं बर्तन धोने वाले आदि व्यवस्थागत सभी सहभागी ड्राइवर्स एवं कार्यरत व्यक्तियों से फोटो, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतिलिपि कोपी व मोबाइल नंबर लेकर हमें आईडी सिस्टम को मजबूत करना चाहिए।
2.समारोह की व्यवस्थाओं से जुड़े हुए सभी लोगों का ड्रेस कोड और उनके गले में फोटो व नाम युक्त आईडी कार्ड को अनिवार्य करना चाहिए।
3.हमारे इर्द-गिर्द काम करने वाले जोखिम भरें समान के गिफ्ट पैकेटों को इधर उधर लाने व ले जानें वाले ऐसे 4-5 विश्वसनीय व्यक्तियों को ही रखने चाहिए। जो हमारे परिवार या समाज से जुड़े हुए हों। या जान पहचान के हों। अथवा इवेंट्स के भरोसेमंद पुराने आदमी हो।
4.भवन में आवागमन का प्रवेश द्वार एक ही खुला रखना चाहिए और सामान लाने व ले जाने के लिए दुसरा गेट खोलना पड़े तो उसकी चाबी सिर्फ जिम्मेदार व्यक्ति को ही देनी चाहिए। जो काम के तुरन्त बाद गेट को बंद करें और शक्त नज़र रख सकें।
5.अतिथियों के कमरों में और आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मैन हॉल या मंच पर जाने वाले सर्वेवर व सफाई कर्मियों के लिए VIP ड्रेस कोड युक्त आईडी कार्ड जारी करने चाहिए और ऐसे व्यक्तियों को नियुक्त करने चाहिए जो इवेंट्स, हलवाई या भवन में कार्यरत जिम्मेदार व्यक्तियों के भरोसेमंद, परिचित व विश्वशनीय वर्कर हो।
6.VIP गेट पास 5 स्टार होटल की तर्ज़ पर अतिथियों का प्रवेश कार्ड बनाए और आमंत्रण पत्र में अथवा ऑनलाइन आमंत्रण पत्रों के माध्यम से प्रेषित करने चाहिए।
7.भवन के मुख्य द्वार पर सभी मेहमानों का आदर और सत्कार में विडियो बनाएं और काउंटर पर प्रवेश कार्ड प्राप्त करें।आवाजाही के प्रत्येक व्यक्ति व वाहनों का विडियो बनाएं तथा कार्यरत वर्करों की भी आईडी मिलान की व्यवस्था करें।
8.भवन में सिफ्ट होने से पहले हमारे घर की सुरक्षा हेतु भरोसेमंद व जिम्मेदार व्यक्ति को रखें एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन से भी सुरक्षा व्यवस्था हेतू निवेदन करें।
अतः समारोहों में लूटेरे, चोर, जेब कतरे और चैन स्नेचिंग आदि छीना-झपटी जैसी सेंधमारी करने वाले असामाजिक तत्वों से बचने हेतु हमें आमूलचूल परिवर्तन करके आईडी कार्ड व प्रवेश कार्ड जैसी उपरोक्त आवश्यक व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए क्रांतिकारी फैसले लेने होंगे। जिससे हमें निसंदेह सुरक्षा व्यवस्था की एक मज़बूत कड़ी व नई दिशा मिलेगी।
ऊं अर्हंम्।।
:: सादर निवेदक::
मोहनलाल भन्साली “कलाकार”
गंगाशहर, बीकानेर, राजस्थान!
दिनांक:: 23.11.2024
मो. 7734968551













