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संविधान दिवस के अवसर पर न्यायाधीश द्वारा किये गये जागरूकता शिविर का आयोजन
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बीकानेर, 26 नवम्बर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राजस्थान उच्च न्यायालय) जयपुर द्वारा जारी एक्शन प्लान की अनुपालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संविधान दिवस के अवसर पर जैन पब्लिक स्कूल, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, रामपुरिया विधि महाविद्यालय तथा केन्द्रीय कारागृह में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया तथा मोबाइल वाहन को न्यायालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अतुल कुमार सक्सैना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाता है, जो भारतीय संविधान के अंगीकृत होने की वर्षगांठ के रूप में जाना जाता है। संविधान दिवस का उद्देश्य हमारे देश के संविधान के महत्व को समझना और इसके सिद्धांतों, मूल्यों और सिद्धांतों को याद करना है। इसी क्रम में महाराज गंगा सिंह विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को भारत के संविधान में उल्लेखित कर्तव्यों का पालन करने की शपथ दिलवायी तथा साथ ही आर्टिकल 51ए के प्रावधानों का पाठन करवाया गया।
भारतीय संविधान देश के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा, समानता, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी प्रदान करता है। इसके अंतर्गत 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 12 सूची हैं, जो केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्ति का वितरण करते हैं और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं। भारत के संविधान में उल्लेखित मूल कर्तव्यों की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि इंटरनेट की दुनिया में साईबर अपराधी घात लगाए बेठे है और मौके का फायद उठाकर बच्चों को राह से भटका रहे है, अतः इस संबंध मंे सभी से जागरूक रहने की अपील की।
प्राधिकरण सचिव व अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मांडवी राजवी ने बताया कि संविधान दिवसर के अवसर जिला मुख्यालय व तालुका में तालुका अध्यक्ष द्वारा व पैनल अधिवक्तागण व पीएलवीगण द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किये गये।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बीकानेर श्री रमेश कुमार ने आमजन से अपील की कि हम सभी को संविधान के मूल्यों का पालन करने और इसे आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए।

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Prakash Samsukha

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