बीकानेर _ प्रयागराज में चल रहे कुंभ के दौरान जिस परिसर में आग लगी थी, वहां बीकानेर के साधु संतों का डेरा है। बीकानेर के देवीकुंड सागर में तप करने वाले सर्वेश्वर महाराज और श्रीधरानन्द सरस्वती महाराज के आश्रम में आग लगने 100 से ज्यादा झोपड़ियां जलकर राख हो गई। गीता प्रेस और अखिल भारतीय संघ ने मिलकर 170 से ज्यादा झौपड़ियां तैयार की थी। ये सभी जल गई, जिसमें अधिकांश बीकानेर के साधु संतों की थी। गनीमत रही कि किसी को नुकसान नहीं हुआ।
*झोपड़ियों में रखा सामान जला*
इन साधु संतों के साथ जुड़े बीकानेर के श्याम व्यास ने बताया कि जिस जगह झोपड़ियां बनी हुई थी, वहीं पर आग लगी। इस दौरान वहां बैठे सभी लोग बाहर निकल गए थे। ऐसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई लेकिन झोपड़ियाें में कुछ नहीं बचा। गनीमत रही कि साधु-संतों, भक्तों व श्रद्धालुओं के भोजन के लिए रखा सामान सुरक्षित रह गया। आग लोहे के छपरों तक पहुंच गई थी। यहां नीचे रखा कुछ सामान तो जला लेकिन अधिकांश बच गया।
बाद में श्रीधरानन्दजी महाराज ने वीडियो जारी करके अपने भक्तों को बताया कि आग तो लगी है लेकिन किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। महाराज ने ये भी बताया कि बीकानेर के भक्तों ने खाने के लिए जो भी सामग्री भेजी है, वो पूरी तरह सुरक्षित है।














