Bikaner Live

साधारण से असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे शिवराज छंगाणी

22 फरवरी 2025, बीकानेर
अजित फाउण्डेशन द्वारा राजस्थानी मुर्धन्य साहित्यकार शिवराज छंगाणी की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिन्दी एवं राजस्थानी की कवयित्री डॉ. कृष्णा आचार्य ने कहा कि शिवराज छंगाणी का व्यक्तित्व साधारण से असाधारण का रहा है। उनका स्वभाव विन्रम एवं अपनत्व से भरा था। उन्होंने राजस्थानी भाषा में लिखते हुए रेखाचित्रों पर अपनी सशक्त कलम चलाई। उनके द्वारा लिखित रेखाचित्र आज भी राजस्थानी साहित्य में सर्वोच्च स्थान पर माने जाते है। शिवराज छंगाणी ने राजस्थानी में कुण्डलियों का रचाव करके राजस्थानी साहित्य को अनूठी पहचान दी। वह लेखक के साथ-साथ सपंादक एवं राजस्थानी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष्य रहे।
संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने कहा बताया कि कार्यक्रम के अगले चरण भावांजलि देते हुए युवा साहित्यकार जुगल किशोर पुराहित ने मायड भाषा की स्थिति पर स्वरचित गीत सुनाया। जोकि राजस्थानी भाषा की मान्यता पर था।
वरिष्ठ साहित्यकार राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि षिवराज छंगाणी ने राजस्थानी में लूंठा काम किया जिसकी खूषबु चारो ओर फैली है। उनकी बातचीत करने की शैली अपने आप में अनूठी थी। जिससे हर कोई उनसे प्रभावति होता।
राजस्थानी साहित्यकार कमल रंगा ने कहा कि शिवराज छंगाणी आदर्ष पुरूष थे। वह साहित्यकार के साथ-साथ मौन साधक थे।
आषु कवि विशन मतवाला ने शिवराज छंगाणी से हुई अपनी अंतरंग वार्ताओं के बारे में बताते हुए कहा कि वह आकर्षक व्यक्तित्व के धनी थी। वह आकाश की तरह थे, और हम उसमें तारों की तरह टिम टिमाते थे।
युवा कवि आनन्द छंगाणी ने अपनी शिवराज जी पर केन्द्रित अपनी रचना ‘‘कभी आओ कविता में’’ सुनाकार सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत संस्था की तरफ से धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि डॉ. अजय जोशी ने कहा कि षिवराज छंगाणी से जब भी मुलाकात होती तो एक नई ऊर्जा का संचार होता। वह एक अच्छे वक्ता के साथ-साथ अच्छे श्रोता भी थे।
कार्यक्रम मंच संचालन हास्य व्यंग्य के कवि बाबूलाल छंगाणी ने किया।
कार्यक्रम में वृंदा व्यास, गिरिराज पारीक, योगेन्द्र पुरोहित, राजाराम स्वर्णकार, प्रेमनारायण व्यास, षिव दाधीच,  आनन्द छंगाणी, जुगल किशोर पुरोहित, विशन मतवाला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

http://

Related Post