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चौथे दिन रामजन्म और कृष्ण जन्मोत्सव
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पंडित महर्षि ने चौथे दिन रामजन्म और कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंगों की कथा 

नोखा । तहसील परिसर स्थित अरकेश्वर महादेव मंदिर में 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित हो रही संगीतमयी सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के चौथ े दिन मंगलवार को व्यासपीठ पर विराजित सारुण्डा वाले विद्वान पंडित ओम प्रकाश महर्षि ने वामन अवतार, राजा अमरीश की कथा, रामजन्म और कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंगो ं की कथा सुनाते हुए बड़ी तादाद मे ं उपस्थित नर-नारी दर्शक श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। वामन अवतार प्रसँग पर कहा कि राजाबली ने भीखारी के रूप मे ं भगवान विष्णु को 3 कदम भूम ि देने के वरदान मे ं मात्र दो कदमो ं में ही त्रिलोकी दे दी और तीसरे पाव के लिए बली ने भगवान से कहा कि हे भगवान तीसरे कदम में आप मुझ े ले लीजिय े तीसरा पैर मेरे सिर पर धारण करें। महामाज ने कहा राजा बली ने दिल खोलकर दान दिया तो उसका नाम अमर हो गया। उन्होंन े कहा दान देना बहत बड़ा पुण्य हे प्रभा शक्ति दान देना चाहिए।

व्यासजी ने गौमाता की सेवा, यज्ञ, दान और तप का बहुत बड़ा पुण्य बताया। बहन, बेटी और भाणजी को भोजन करवाने से भी पुण्य मिलता है। उन्होंन े कहा धर्म पुण्य और भगवान की कृपा होती ह ै तब लक्ष्मी उल्लू बनकर आती है लेकिन धर्म व अनेतिक पाप कर्म और कलह कलेश के कारण लक्ष्मी उल्लू बनाकर चली जाती है। महाराज ने गाय और गाय के दूध की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि गाय एक ऐसा मंदिर है जिसम े तेतीस कोटी देवी देवताओं का बास होता है, गाय भारत की संस्कृति की आधारसीला है। नवे स्कन्द में राजा अमरिश की कथा सुनाई उन्होंन े एकादशी व्रत करने के बारे मे ं जानकारिया दी। भगवान राम के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।

इसके बाद कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन नोखा माहेश्वरी महिला संगठन की ओर से हुआ। संगठन की अध्यक्ष राधामणी चितलंगी, सचिव सरीता झंवर व स्वेता झंवर, मैना तापडिया, शांति मुंदडा, सरिता चांडक, सरिता तापड़िया, लक्ष्मी तोषनीवाल, सुनीता बाहेती, रेखा बजाज, श्वेता झंवर, मालती मंज ू बजाज, मन्नू राठी, सरोज बजाज आदि व्यवस्था मे ं जुटी रही। इस दौरान माहेश्वरी समाज के पुरुषोतम तापडिया की विशेष भूमिका रही।

कृष्ण जन्मोत्सव पर मंदिर व्यवस्थापक लालचन्द उपाध्याय वासुदेव के रूप में नवजात 9 माह के बच े माधव पारीक पुत्र आसुतोष को कन्हैया के रूप में टोकरी में लेकर आसान पर आते है। व्यासजी कृष्ण को अपनी गोद में लेते है और पूजा करते है। कृष्ण जन्मोत्सव बड ़ े धूम धाम से मनाया गया। मुख्य स्रोता छगन लाल राठी सपत्निक प्रिया राठी ने भी पूजा की।

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Gordhan Soni

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