


गोपाष्टमी के पावन पर्व पर श्री गजनेर गोपाल सेवा सदन गौशाला में तीन दिवसीय नानी बाई को मायरो पंडित कथावाचक गिरिराज जोशी के मुखारविंद से नानी बाई का मेरा प्रारंभ हुआ जिसमें नरसी जी का जीवन चरित्र नरसी जी के पुत्री का विवाह और भक्त चरित्र बताया गया भक्ति निष्काम भाव से की जाती है तो सकाम भक्ति भगवान किसी के स्वीकार नहीं करते भक्ति में शक्ति हो तो ही भगवान आते हैं आज की कथा के मुख्य जजमान प्रेम सादाणी बिणा सादाणी
गोपाल अग्रवाल श्री गजनेर गोपाल सेवा सदन के अध्यक्ष जय किशन सादाणी,केदार चांडक भगवान राम , भैरव सिंह, वीर सिंह रामलाल गोयल,
मुख्य पंडित वासु छंगाणी आयुष जोशी
आज की झांकी में कृष्ण बने युवराज छंगाणी और भी सखियां थी
पप्पू सेन जानकारी दी
न्यूज़ एस एन जोशी













