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महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा वर्तमान के विभिन्न मुख्य विषयों पर आशुभाषण
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भारत विकास परिषद, “बीकाणा इकाई” बीकानेर द्वारा अंतर महाविद्यालय हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता एवं आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन रविवार को किया गया।

भारत विकास परिषद, बीकाणा इकाई ke अध्यक्ष नरेश खत्री (छाबड़ा) ने बताया कि “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव जीवन के लिए वरदान या अभिशाप” विषय पर अंतर महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता तथा वर्तमान के विभिन्न मुख्य विषयों पर आशुभाषण का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं सफल व्यवसायी गजेंद्र सिंह राठौड़, विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद एवं समाज सेवी अशोक कुमार सोनी, अप्रितम क्लब अध्यक्ष ऍम. पी. अग्निहोत्री, राजकुमारी व्यास, रश्मि कल्ला, विपिन जैन, रफी अहमद, मनोज जाखड़ एवं नरेश खत्री (छाबड़ा) के द्वारा भारत माता और स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
संपर्क संयोजक लीला कृष्ण चावला एवं पर्यावरण संयोजक कौशलेश गोस्वामी के नेतृत्व में सभी अतिथियों का ओपरना पहनाकर स्वागत किया।

भारत विकास परिषद, “बीकाणा इकाई” के अध्यक्ष नरेश खत्री (छाबड़ा) ने बताया कि बीकानेर के विभिन्न महाविद्यालयो के विद्यार्थियों ने भाग लिया जिसमे राजकीय महाविद्यालय गंगाशहर, बीकानेर की वंशिका मेघवाल, चंचल शर्मा, सुमित नायक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा द्वितीय स्थान पर श्री नेहरू शारदा पीठ महाविद्यालय के चेतन सैनी, ज्योति उपाध्याय, वीणा सुथार रहे।

मुख्य अतिथि गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि कॉलेज स्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता अपने विचार व्यक्त करने और तार्किक क्षमता विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे कार्यक्रम जन चेतना लाने और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

विशिष्ट अतिथि अशोक कुमार सोनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और इंसान के बीच सबसे बड़ा अंतर “चेतना और संवेदना” का है, भावनाओं का है। मानव केवल सोचता ही नहीं, महसूस भी करता है। दुख में टूटता है तो सुख में खिलता है। अगर गलती करता है तो पछताता भी है और सुधरता भी है।

मानव प्रेम, त्याग, सेवा और करुणा जीता है, इसलिए उसकी जगह कोई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस नहीं ले सकता लेकिन उसे सावधानी पूर्वक जीवन में अपनाने पर ध्यान देना जरूरी है।

सचिव विक्रांत कच्छावा ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा ही समाज के निर्माण के मुख्य कर्णधार हैं।  युवाओं को अपनी जिम्मेदारी से देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

निर्णायक मंडल के रूप में विपिन जैन, रफी अहमद एवं मनोज जाखड़ मौजूद रहे। जिन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव जीवन पर संक्षिप्त जानकारियां दी।

इस अवसर पर महिला सहभागिता विभाग से रश्मि कल्ला, जय भीम संस्थान के व्यवस्थापक कैलाश चन्द चांवरिया, शिक्षाविद सुभाष बिश्नोई, शिक्षाविद विशाल सोलंकी, गौरी शंकर डूडी एवं घनश्याम डूडी की उपस्थिति रही जिनके सक्रियता से प्रतियोगिता का आयोजन सफल रहा।

विजय कपूर और मातृशक्ति चाँद खाँ ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।

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Gordhan Soni

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