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पालनहार योजना में वार्षिक सत्यापन करवाने के निर्देश
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बीकानेर, 17 फरवरी। जिले में पालनहार योजना के तहत शैक्षणिक सत्र2025-26 के लिए लाभांवित हो रहे कुल 13 हजार 575 बच्चों का वार्षिक सत्यापन किया जाना है। अब तक इनमें से 12 हजार 445 का ही वार्षिक सत्यापन हुआ है। शेष 1 हजार 130 बच्चे वार्षिक सत्यापन से वंचित हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित पालनहार योजना में विभिन्न श्रेणी के बालक-बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें अनाथ बालक/बालिका, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा/परित्यक्ता महिला के बच्चेे, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चे, नाता जाने वाली माता के बच्चे, विशेष योग्यजन माता/पिता के बच्चे आदि सम्मिलित हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इन श्रेणियों के बालक-बालिकाओं को परिवार के अन्दर समुचित देखरेख, संरक्षण एवं शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने का प्रावधान किया गया है। पालनहार योजना के संचालन के लिए संशोधित नियम, 2022 के नियम 9 ऑनलाइन आवेदन एवं अनुदान प्रक्रिया के अनुसार आवेदक द्वारा स्वयं के जीवित होने एवं बालक-बालिकाओं के आंगनबाड़ी केन्द्र के पंजीकृत/विद्यालय में अध्ययनरत रहने का वार्षिक नवीनीकरण (सत्यापन) करवाना अनिवार्य है जिससे कि समस्त पात्र पालनहार लाभार्थियों को विभाग की कल्याणकारी योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके अतः शीघ्र पालनहार वार्षिक सत्यापन करवाऐं।
उन्होंने बताया कि भौतिक सत्यापन करवाने के लिए शााला दर्पण पोर्टल पर आधार नम्बर, अपडेट किये गये बच्चों का शाला दर्पण से स्वतः वार्षिक सत्यापन हो जायेगा। उन्हें अलग से सत्यापन करवाने की आवश्यकता नहीं है। जिन बच्चों के आधार नम्बर शाला दर्पण पर अपडेट नहीं है, उनके आधार नम्बर शाला दर्पण पर अपडेट करवाये जाने है। एसजेएडी पालनहार स्कीम एप के माध्यम से फेस रिकग्निशिन प्रक्रिया के द्वारा शेष रहे पालनहार बच्चों का सत्यापन करवाया जा सकता है। जिन पालनहार बच्चों का वेबसर्विस/ऐप के माध्यम से वार्षिक भौतिक सत्यापन/नवीनीकरण रिन्यूअल नहीं किया गया है, ऐसे पालनहार बच्चों का पृथक से ई-मित्र कियोस्क केन्द्र पर अध्ययनरत प्रमाण पत्र अपलोड कर विभाग के संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में जाकर वार्षिक भौतक सत्यापन/नवीनीकरण करवाये जाने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को विधालय में अध्ययनरत पालनहार योजना से लाभांवित बच्चों का का व उप निदेशक महिला बाल विकास को 0-6 वर्ष के आंगनबाड़ी में पंजीकृत बच्चों का वार्षिक सत्यापन करवाने के लिए निर्देशित किया गया है।

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Gordhan Soni

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