
बीकानेर। वर्षों बाद बीकानेर आगमन पर श्रद्धेय दीदी माँ का विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति,भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर जनसंख्या नियंत्रण नीति बनाने एवं और गर्भपात संबंधी कानून में संशोधन की मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाने की मांग उठाई।
तिवाड़ी एवं नगर अध्यक्ष सुरेन्द्र उपाध्याय ने दीदी मां को बताया कि ब्रह्मलीन संत पूज्य स्वामी रामसुखदास जी महाराज की प्रेरणा से उनकी संस्था पिछले 29 वर्षों से अखिल भारतीय स्तर पर भ्रूण हत्या और गर्भपात के विरुद्ध जागरूकता अभियान चला रही है,साथ ही सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के प्रचार प्रसार का कार्य संतों के सानिध्य में किया जा रहा है।
प्रतिनिधियों ने स्मरण कराया कि वर्ष 2001 में देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भी दीदी माँ ने संतों की उपस्थिति में भाग लिया था।
ज्ञापन में संस्था ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनसंख्या संतुलन और सामाजिक संरचना को लेकर गंभीर विचार की आवश्यकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष तिवाड़ी ने भारत सरकार से प्रभावी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग रखी ओर साथ ही वर्तमान में 24 सप्ताह तक गर्भसमापन की अनुमति संबंधी प्रावधान पर पुनर्विचार कर केवल चिकित्सीय कारणों में ही इसकी अनुमति देने तथा अन्य मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करने की बात रखी। इस अवसर पर
महिला प्रभारी कविता यादव नगर मंत्री सुरेश शर्मा ने दीदी माँ से आग्रह किया कि वे इन विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर संसद में आवश्यक कानून बनाने हेतु पहल करें। कार्यक्रम के दौरान संस्था साधकों ने दीदी मां साध्वी ऋतभरा को शॉल ,दुप्पटा ओढाने के साथ साधक संजीवनी ग्रंथ एवं संस्था का मोमेंटो भेट कर माल्यार्पण से अभिनंदन किया।कार्यक्रम में अनेक समाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति भी रही।

























