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सरह नथानिया, सुजानदेसर गोचर, भीनासर गोचर भूमि की संरक्षण कमेटी गठित, श्री सरजूदास जी महाराज को सौंपी जिम्मेदारी
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गौ अभ्यारण्य व गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए चलेगा अभियान : श्री सरजूदास जी महाराज


बीकानेर। गोचर-ओरण संरक्षण आंदोलन कोई समयावधि के लिए नहीं बल्कि सदैव के लिए है, यानि गोचर-ओरण में कभी कोई कब्जे न हो, इनमें गौअभ्यारण जैसे विकास कार्य होते रहें। इसी उद्देश्य से गौभक्तों द्वारा सरह नथानिया हनुमानजी मंदिर में मंगलवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। पर्यावरणविद् मिलन गहलोत ने बताया कि बैठक के दौरान तीनों गोचर- सरह नथानिया, सुजानदेसर गोचर, भीनासर गोचर भूमि की एक संरक्षक कमेटी का गठन किया गया जिसके नेतृत्व की जिम्मेदारी राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज को सौंपी गई। इससे पूर्व गौपूजन एवं पौधरोपण भी किया गया। शिव गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री को गौ अभ्यारण्य बनाने हेतु ज्ञापन दिया जाएगा तथा गौ अभ्यारण्य में गाय चिकित्सा व्यवस्था, घास उगाने की व्यवस्था, नस्ल संवर्धन खाद्य सहित अनेक सुविधाओं को शुरू किया जाएगा। गौ अभ्यारण्य में शहर में निराश्रित घूम रही गायों व नंदियों को भी रखा जाएगा। मीटिंग को सम्बोधित करते हुए मनोज सेवग ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय माता का दर्जा मिले इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा तथा तहसीलवार टीम का गठन होगा जो ज्ञापन व आंदोलन के माध्यम से इस मांग को उठाएगी। महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज ने बताया कि 27 अप्रेल व 27 जुलाई को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत तहसीलवार ज्ञापन दिए जाएंगे। गो सम्मान दिवस के रूप में सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने के लिए संत-महात्माओं व गौभक्तों द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, जिला कलक्टर, तहसीलदार अथवा उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिए जाएंगे। इस संबंध में पोस्टर का विमोचन किया गया जिसमें श्रीभगवान अग्रवाल, हेम शर्मा, मोहन सिंह नाल, पं. राजेन्द्र किराड़ू, पं. अशोक किराड़ू, पं. सुशील किराड़ू, महेन्द्र किराड़ू, धर्मेन्द्र सारस्वत, बंशी गहलोत, कैलाश सोलंकी, विजय थानवी, यशविंदर चौधरी, धनपत मारू, नवरत्न उपाध्याय, किशन शर्मा, दयाशंकर शर्मा एवं अलका बिश्नोई आदि उपस्थित रहे।

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Gordhan Soni

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