


बीकानेर के पश्चिम क्षेत्र स्थित मुरलीधर विकास नगर भूतनाथ मंदिर के पीछे स्थित आवास डी 486 शांता कुंजमें विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी मां गवरजा के बनोले तथा खोल भरने की परंपरा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर श्रीमती रश्मि देवी राठी ने बताया कि हमारे यहां यह कार्यक्रम पिछले 10 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है। प्रत्येक वर्ष यह कार्यक्रम अलग-अलग थीम अर्थात ड्रेस कोड पर रखा जाता है और इस वर्ष का ड्रेस कोड ब्लू अर्थात नीला रंग रखा गया जिसके अंतर्गत उपस्थित अधिकतर महिलाएं एवं लड़कियों ने नीले रंग के परिधान पहन रखे थे।
बनोले कार्यक्रम संबंधी जानकारी देते हुए रश्मि देवी राठी ने बताया कि उपस्थित महिलाओं ने जहां एक और गणगौर की पारंपरिक परंपरा का निर्वहन करते हुए पुराने गीत गाए वहीं उन्होंने वर्तमान फिल्मों पर आधारित गानों की तर्ज पर बने नए गीतों की प्रस्तुति देते हुए बनोला कार्यक्रम के वातावरण को भक्तिमय एवं धार्मिक बना दिया। गीतों के कार्यक्रम में मुख्य रूप से रश्मि राठी, अरुणा राठी, पूजा राठी, दीपिका राठी, शांति भटृड़, विमला देवी राठी, शशि चांडक, शकुंतला दमानी, उमा दमानी, शालिनी जोशी तथा डॉक्टर भारती राठी ने गीतों की प्रस्तुति दी मुरलीधर व्यास नगर गणगौर सखी ग्रुप की और सेउपस्थित बालिकाओं में मुख्य रूप से महक राठी(मीनू). लक्षिता उर्फ रानी राठी, ममता बिश्नोई, तानिया अग्रवाल, शिवानी-शालिनी रंगा, कविता, दीप्ति, नंदिनी, तथा स्नेहा आदि ने
डी जे साउंड की धुन पर वर्तमान में आधारित पंजाबी एवं हिंदी फिल्मी गानों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति देते हुए मां का गवरजा के पियर आने की खुशी को अधिक बढ़ा दिया।
बनोले कार्यक्रम के सहायक कोऑर्डिनेटर मनोज कुमार राठी ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में उपस्थित मोहल्ले की सभी गणगौर(मां पार्वती), ईश्वर (भगवान शिव) तथा भाइयै को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का प्रसाद भोग के रूप में चढ़ाया गया तथा इसके साथ उपस्थित सभी गवरजा की नगद राशि एवं अन्य वस्तुओं से खोल भरने की रस्म अदायगी परंपरा निभाई गई तथा इसके साथ शिव स्वरूप ईशर एवं भाईये को भी विशेष प्रकार की वस्तुएं भेंट कर उनका अभिनंदन एवं स्वागत किया गया।
मनोज राठी के अनुसार कार्यक्रम से पूर्व कार्यक्रम स्थल को ड्रेस कोड के आधार पर नीले गुब्बारे, नीले फूल एवं पत्तियो एवं अन्य सजावटी सामान से सजाने में महक राठी, लक्षिता राठी ,ममता बिश्नोई, रश्मि देवी राठी ,मनोज राठी आदि ने विशेष सहयोग किया।





















