
मुंबई। सामाजिक अन्वेषण एवं शोध संस्था (दिल्ली) के बीकानेर जिला अध्यक्ष द्वारका प्रसाद सोनी ने अपने मुंबई प्रवास के दौरान बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के पार्षद योगेश जी सोनी से उनके निज निवास मलाड (मुंबई) में शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों के बीच सामाजिक, संगठनात्मक एवं समाज हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
द्वारका प्रसाद सोनी ने बीएमसी पार्षद के रूप में योगेश सोनी के निर्वाचित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका इस महत्वपूर्ण पद पर चयन सम्पूर्ण स्वर्णकार समाज के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए यह बड़ी उपलब्धि होती है जब उस समाज का कोई प्रतिनिधि जनसेवा के महत्वपूर्ण दायित्व पर पहुंचता है। इससे न केवल समाज का मान-सम्मान बढ़ता है, बल्कि समाज के युवाओं को भी प्रेरणा मिलती है कि वे भी सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने आगे कहा कि योगेश सोनी लंबे समय से सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से जुड़े हुए हैं तथा उनकी कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाता है। बीएमसी पार्षद के रूप में उनका दायित्व निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर योगेश सोनी ने भी द्वारका प्रसाद सोनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का आशीर्वाद और सहयोग ही उन्हें जनसेवा के कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अपने पद की जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करते हुए क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
योगेश सोनी ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के बीकानेर जिला अध्यक्ष (देहात) श्याम पंचारिया से भी फोन पर चर्चा की। इस बातचीत के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, सामाजिक विषयों तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि समाज और संगठन दोनों के स्तर पर निरंतर संवाद और समन्वय से ही सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इस प्रकार की मुलाकातें और चर्चाएं सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ समाज के हित में नए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।
इस दौरान पुरुषोत्तम सोनी मुंबई वाले भी उपस्थित रहे।
यह मुलाकात स्नेह, आदर और आत्मीयता के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा इसमें समाज और जनहित से जुड़े विषयों पर भविष्य में भी सहयोग और समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।





















