Bikaner Live

19 मार्च से शुरू होगा 11 दिवसीय अलौकिक अनुष्ठान : बीकानेर में बना आध्यात्मिक वातावरण
soni

19 मार्च से शुरू होगा 11 दिवसीय अलौकिक अनुष्ठान : बीकानेर में बना आध्यात्मिक वातावरण

बीकानेर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन में राजस्थान के इतिहास में पहली बार बीकानेर में परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज की प्रेरणा और सानिध्य में 19 मार्च से 29 मार्च तक आयोजित होने जा रहे अद्भुत, अकल्पनीय, ऐतिहासिक विराट चैत्र नवरात्रि देवी भागवत कथा यज्ञ महोत्सव को लेकर शहर में आध्यात्मिक वातावरण बनता जा रहा है। महामहोत्सव में जहां प्रतिदिन रात 8 बजे से देवी भागवत कथा का आयोजन होगा, वहीं महालक्ष्मी महायज्ञ के माध्यम से विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने की तैयारी की गई है।गुरुभक्त संकेश जैन ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक पूजा सामग्री के साथ-साथ आध्यात्मिक साधनों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें जिबू कॉइन, सिद्धि यंत्र, हीलिंग जेमस्टोन, लक्ष्मी यंत्र और वास्तु यंत्र प्रमुख आकर्षण रहेंगे।

छह दिवसीय यज्ञ अनुष्ठान में काशी के पंडिताें ने दी आहूतियां

अग्रवाल भवन परिसर में मंगलवार काे सर्वकष्ट निवारक दिव्य यज्ञ अनुष्ठान में काशी के विद्वान पंडिताें ने आहूतियां दीं। श्री पार्श्व पद्मावती सेवा ट्रस्ट कृष्णागिरी (तमिलनाडू) के ट्रस्टी गुरु भक्त डॉ संकेश जैन ने बताया कि जगद्गुरु वसन्त विजयानंद गिरी जी महाराज के सानिध्य में यज्ञ स्थल पर ही भगवान शिव, देवी पार्वती, पद्मावती माता, देवी लक्ष्मी, बटुक भैरव के साथ हनुमानजी की प्रतिमाएं स्थापित कर विधिवत् आह्वान, प्रतिष्ठा एवं मंडप पूजन के साथ छह दिवसीय दिव्य यज्ञ अनुष्ठान हाे रहा है।

राजस्थान के इतिहास में पहली बार बीकानेर में हो रहा है विराट चैत्र नवरात्रि देवी भागवत कथा यज्ञ महोत्सव

राजस्थान के इतिहास में पहली बार और संभाग मुख्यालय बीकानेर में अपने आप में अद्भुत, अकल्पनीय, ऐतिहासिक विराट चैत्र नवरात्रि देवी भागवत कथा यज्ञ महोत्सव जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी महाराज की प्रेरणा और सानिध्य में 19 मार्च से 29 मार्च तक गंगाशहर रोड़ स्थित अग्रवाल भवन परिसर में होगा। गुरुभक्त संकेश जैन ने बताया कि नवरात्रि का ऐसा दिव्य महोत्सव जहां आस्था, साधना और महायज्ञ से जीवन धन्य होगा। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे से दिव्य साधना शिविर पाइराइट कुबेर लक्ष्मी यंत्र एवं जिबू कॉइन साधना होगी। जिसमें 3, 5 या 11 दिन की साधना के बाद यंत्र व कॉइन घर ले जाने का अवसर भी मिलेगा। वहीं मुख्य आकर्षणों में प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से हजारों किलो मेवा, हजारों किलो घी व शुद्ध चंदन की लकडिय़ों से ऐतिहासिक अति विराट दिव्य महायज्ञ होगा वहीं प्रतिदिन रात्रि में 8 बजे से देवी भागवत कथा के साथ प्रतिदिन भव्य भजन संध्या का आयोजन होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान के मौके पर 10 करोड़ जप से सिद्ध शिवलिंग पर 11 दिनों तक रुद्राभिषेक भी होगा।

संत, गुरु एवं ईश्वर के समक्ष पूर्ण समर्पण सम्मान के साथ भक्ति प्रकट करें : जगद्गुरु वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज

परमहंस परिव्राजकाचार्य अनन्त श्री विभूषित कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि परमात्मा की भक्ति बरकरार रहनी चाहिए। संसार में यदि सम्मान चाहिए तो संत, गुरु एवं ईश्वर के समक्ष पूर्ण समर्पण सम्मान के साथ भक्ति प्रकट करें।
मंगलवार काे गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन में अपने आशीर्वचनाें में जगद्गुरु 1008 परम पूज्यपाद श्री वसन्त विजयानन्द गिरी जी महाराज ने कहा कि देवी देवताओं अथवा सिद्ध संतों के प्रति अपनापन होगा तो निश्चित जीवन सफल होगा। संत हमेशा सेवाभावी, संस्कारी, सद्गुणी पर अपनी कृपा बरसाते हैं। देव कृपा पाने का सरल उपाय बताते हुए पूज्यपाद जगद्गुरु ने कहा देवगुण अपनाने वाले को भगवान स्वत: मिल जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस धरा पर कोई भी व्यक्ति यदि दुखी है तो वह अपनी अज्ञानता से है। उन्होंने कहा कि परिस्थिति, जीवनशैली सुधारें व योग्यता बढ़ाएं। स्वयं की योग्यता बढ़ाकर, परिवर्तित जीवनशैली अपना कर संस्कारी व श्रेष्ठिवर्य बना जा सकता है।

Picture of Prakash Samsukha

Prakash Samsukha

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!