Bikaner Live

जाने-अनजाने लोगों को, मां-बाप, पड़ौसियों का दिल दुखाया सब याद करो ; संसार में आपका व्यवहार बदल जाएगा तो तकदीर भी बदल जाएगी : जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज

जाने-अनजाने लोगों को, मां-बाप, पड़ौसियों का दिल दुखाया सब याद करो ; संसार में आपका व्यवहार बदल जाएगा तो तकदीर भी बदल जाएगी : जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज

एकादशी विशेष दिव्य महायज्ञ में वैदिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शास्त्रोक्त विधि से दी गई आहुतियां

श्रद्धालुओं के बारम्बार आग्रह पर ग्यारह दिवसीय ऐतिहासिक विराट आयोजन में पूज्यपाद जगद्गुरु श्रीजी ने तीसरी बार दी सामूहिक गुरु दीक्षा

बीकानेर। तमिलनाडु राज्य के विश्व विख्यात एवं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अंकित कृष्णगिरी स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधिपति, आध्यात्म योगीराज, सर्वधर्म दिवाकर, पूज्यपाद जगद्गुरु 1008 आचार्यश्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने यहां विराट चैत्र नवरात्रि कथा यज्ञ महामहाेत्सव में रविवार को आध्यात्मिक प्रवचन में कहा कि व्यक्ति को जन्म से लेकर आज तक क्या-क्या किया ये ध्यान करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दिल से सभी अपनी गलतियों को याद करो। जाने-अनजाने लोगों को, मां-बाप, पड़ौसियों का दिल दुखाया है तो सब याद करो।
गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में देवी भागवत कथा के रहस्य की विशेषता के साथ-साथ एक प्रसन्न सुखी व्यक्ति के जीवन को सुगम बनाए रखने हेतु अपने अमूल्य विचार जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने रखे। उन्होंने कहा कि संसार में आपका व्यवहार बदल जाएगा तो तकदीर भी बदल जाएगी। वे बोले, शास्त्रों में बताया गया है कि जरुरतमंदों-गरीबों को कपड़ा, अन्नदान करो। उससे किसी का दिल खुश होगा। यदि आपके पास देने को कुछ नहीं है तो गरीब को प्रेम की दृष्टि के साथ देखो और मुस्कुराओ। गले लगो ये भी नि:शुल्क दान है।

आदतें शुभ हाेंगी ताे जीवन भी स्वत: शुभ : जगद्गुरु

जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि व्यक्ति को सदैव सकारात्मक सोच के साथ सरल भी रहना चाहिए। आदतें शुभ होगी तो जीवन भी स्वत: शुभ होगा। मछलियों को आटे की गोली, पंछियों को दाना देना, विभिन्न जीव राशियों को आहार देना चाहिए। इच्छित अनुसार आहार देना चाहिए। ईश्वर ने किसी जीव को जन्म दिया है तो आहार की व्यवस्था वो ही करेगा। अपने मार्ग की प्रशस्ति के लिए प्रेम से जीवों को आहार खिलावो। साथ ही हमारे घर में कुलदेवता, इष्टदेवता की पूजा, ईश्वर की आराधना परम्परा से चल रही थी, लेकिन अब नहीं हो रही है। इससे घर-परिवार में संतानहीनता, बीमारी, अशांति उत्पन्न करती है। उन्होंने हमेशा की भांति बीकानेर में भी दैवीय कृपा के लिए विधान पूर्वक अनुष्ठान तथा सनातन सिद्धि की शक्तियों का सार्वजनिक मंच से अनेक लोगों को लाभान्वित किया। जिसके तहत् बीकानेर के विभिन्न शहर मोहल्लों से विभिन्न दुख, पीड़ाओं, रोग व कष्टों से मुक्त हुए लोग अभिभूत हुए।
तीर्थ धाम के ट्रस्टी डाॅ. संकेश जैन ने बताया कि दोपहर के सत्र में दिवस पर्व के मद्देनजर एकादशी विशेष दिव्य महायज्ञ में वैदिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शास्त्रोक्त विधि पूर्वक काशी के विद्वान विप्र पंडितों द्वारा जगद्गुरु श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज की पावन निश्रा में आहुतियां दी गई।

ऐतिहासिक विराट आयोजन में श्रद्धालुओं ने तीसरी बार प्राप्त की गुरु दीक्षा

ग्यारह दिनों के ऐतिहासिक विराट आयोजन में तीसरी बार बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बारम्बार आग्रह पर गुरु दीक्षा प्रदान की। पाताल लोक की नागरानी जगत जननी देवी मां पद्मावती, अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक देवाधिदेव महादेव, त्रिकाल योगी बाबा भैरवनाथ, रुद्रावतार श्रीहनुमानजी के विभिन्न बीज मंत्रों, रक्षा कवच, स्तोत्र वाचन व सहस्रनाम उच्चारण से दैवीय ऊर्जा के गुणगान किए। साथ ही साथ देश दुनिया से बड़ी संख्या में मौजूद गुरुभक्त श्रद्धालुओं को सीधे-सीधे सरल शब्दों में यह भी अपना प्रेरणादायक संदेश देते हुए जगद्गुरु ने कहा कि जीवन में आ रही परेशानियों व कठिनाइयों को दूर करने के लिए बुद्धि को ठिकाने लगाओ, अच्छे संतों की शरण में जाकर उनसे आशीर्वाद लो। उन्होंने कहा कि सच्चे विद्वान सिद्ध साधक सरीखे गुरु के चरण में बैठकर पाप को स्वीकार लोगे तो उसी समय पाप का पहाड़ हल्का होगा, जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा तथा श्राप, दोष व कष्ट निश्चित हल्का होगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूज्य गुरुदेवश्रीजी के अधिकृत वेरीफाइड यू ट्यूब चैनल थॉट योगा पर लाइव प्रसारण किया गया।

Picture of Prakash Samsukha

Prakash Samsukha

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!