

गोपेश्वर बस्ती में अमर ज्योति स्कूल के पास चल रही भागवत कथावाचक प. आनंद महाराज (हिरण्यगर्भ) जी ने छठे दिवस में श्रीकृष्ण और रुक्मणी विवाह का दिव्य प्रसंग श्रद्धालुओं को सुनाया गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति एवं उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रुक्मणी विवाह के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी जी से विवाह किया था। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण रखने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। कथा के दौरान महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी जी के प्रेम, समर्पण एवं भक्ति का महत्व बताया।
रुक्मणी विवाह प्रसंग के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा पंडाल को पड़े धूमधाम से सजाया गया था तथा महिलाओं ने मंगलगीत गाकर उत्सव को और भी भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी जी की झांकी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया
आनंद महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करती है। कथा के अंत में भगवान की आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।















