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बाल वय में संस्कृत गीता अध्ययन पूरा कर पार्थ व्यास ने बढ़ाया बीकानेर का गौरव, निशुल्क गीता क्लास में हुआ सम्मान

बाल वय में संस्कृत गीता अध्ययन पूरा कर पार्थ व्यास ने बढ़ाया बीकानेर का गौरव, निशुल्क गीता क्लास में हुआ सम्मानबीकानेर।कम उम्र में संस्कृत भाषा में श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन को पूर्ण कर पार्थ व्यास ने समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बेणेश्वर बारी स्थित हरिराम जी के मंदिर में चल रही निशुल्क गीता क्लासेस में पार्थ व्यास ने गीता के समस्त अध्यायों का संस्कृत में अध्ययन पूरा किया। इस उपलब्धि पर पाशिता शर्मा द्वारा पार्थ व्यास को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि इतनी अल्प आयु में संस्कृत के श्लोकों को समझना और कंठस्थ करना भगवान की अनुकंपा के बिना संभव नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि जिस प्रकार भगवान विष्णु ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था, उसी प्रकार आज के पार्थ यानी पार्थ व्यास ने भी उसी मार्ग पर चलकर संस्कार और संस्कृति को जीवित रखने का कार्य किया है।इस अवसर पर पार्थ के पिताजी पवन जी व्यास को भी हार्दिक बधाई दी गई, जिन्होंने बालक को बचपन से ही संस्कृति और संस्कृत से जोड़े रखा। साथ ही निशुल्क गीता क्लासेस संचालित कर नई पीढ़ी को संस्कार सिखाने वाली पाशिता शर्मा को भी समाज की ओर से आभार और बधाई दी गई।कार्यक्रम में समाजजनों ने कहा कि पार्थ व्यास की यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में सहायक होगी।

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