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बेनिसार बारी में निशुल्क गीता क्लासेस: बच्चों को संस्कार और संस्कृत का पाठ, 45 बच्चे कर रहे भागीदारी

बेनिसार बारी में निशुल्क गीता क्लासेस: बच्चों को संस्कार और संस्कृत का पाठ, 45 बच्चे कर रहे भागीदारीबीकानेर। आज की डिजिटल दुनिया में जहां बच्चे मोबाइल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप में उलझे रहते हैं, वहीं बेनिसार बारी स्थित हरिराम जी मंदिर में बच्चों के लिए निशुल्क गीता क्लासेस संजीवनी का काम कर रही हैं। 17 मई से शुरू हुई इन क्लासेस का मकसद बच्चों में आध्यात्मिक जागृति पैदा करना और उन्हें सनातन धर्म के मूल्यों से जोड़ना है।*इप्शिता शर्मा चला रही हैं मुहिम* इन निशुल्क कक्षाओं की शुरुआत श्री शांतिलाल जी भोजक की पुत्री और श्री नारायण जी सेवक की पौत्री इप्शिता शर्मा ने की है। इप्शिता का कहना है कि “हमारा उद्देश्य हर बच्चे को सनातन धर्म के बारे में पूरा ज्ञान देना है। भगवान विष्णु और अर्जुन के संवाद से लेकर भूत, भविष्य, वर्तमान तक का उल्लेख गीता में है। आने वाली पीढ़ी को यह ज्ञान होना जरूरी है कि गीता हमारे जीवन, व्यक्तित्व और सकारात्मक सोच के लिए कितनी आवश्यक है। जब हम बच्चों को अच्छा देंगे तो बच्चे भी अच्छे बनेंगे।”*घर के अंदर चल रही हैं क्लास, 45 बच्चे रजिस्टर्ड* हरिराम जी मंदिर में घर के अंदर ही ये क्लासेस लगाई जा रही हैं। अभी तक 45 बच्चों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है और सभी बच्चे नियमित रूप से कक्षा में आ रहे हैं। खास बात ये है कि जिन बच्चों को संस्कृत पढ़नी नहीं आती थी, वे भी अब श्लोक सुन-सुनकर संस्कृत बोलना, पढ़ना और समझना सीख रहे हैं। इप्शिता बच्चों को दृढ़ संकल्प के साथ एक-एक अध्याय और श्लोक सिखा रही हैं और दूसरे दिन पूरा अध्याय कंठस्थ करवाया जा रहा है।*पुरस्कार से बढ़ रहा बच्चों का उत्साह* बच्चों को मोटिवेट करने के लिए इप्शिता ने अनोखा तरीका अपनाया है। जो बच्चा पूरा अध्याय याद करके सुनाता है, उसे उपहार दिए जाते हैं। इन उपहारों में बच्चों के चार्ट, ट्रायंगल बोतल, सिंगल बोतल, ज्यामिति बॉक्स, बैडमिंटन, लूडो, टिफिन बॉक्स सहित कई उपयोगी सामान शामिल हैं। इप्शिता शर्मा स्वयं बच्चों को ये पुरस्कार देकर उनका हौसला बढ़ा रही हैं।*पहले भी स्कूल में लगा चुकी हैं क्लास* इप्शिता शर्मा ने बताया कि स्कूल में भी उन्होंने गीता क्लासेस लगाई थीं। वहां मुस्लिम समुदाय के बच्चे भी गीता का ज्ञान लेने आते थे। उनका मानना है कि गीता किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि मानवता और जीवन जीने की कला सिखाती है। *मोबाइल की दुनिया से आध्यात्म की ओर* आजकल बच्चे मल्टीमीडिया में उलझकर अपनी बुद्धि और एकाग्रता खो रहे हैं। ऐसे में निशुल्क गीता क्लासेस बच्चों को मोबाइल की स्क्रीन से हटाकर संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिकता की ओर ले जा रही हैं। बेनिसार बारी के इस प्रयास की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं और अधिक से अधिक बच्चों को जोड़ने की अपील कर रहे हैं।इप्शिता शर्मा का सपना है कि हर बच्चा गीता के ज्ञान से जुड़े और जीवन में सही दिशा पाए।

8 जून 2026
*सम्मान समारोह में बच्चों को रोज सुबह माता-पिता को प्रणाम करके आशीर्वाद लेने की बात कहीं*

*45 बच्चों मे गीता के श्लोक जिन बच्चों ने कंठस्थ किये उनको पुरस्कार दिया गया गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को गीता ज्ञान देने वाली इप्शिता शर्मा का भी वन्देमातरम टीम ने सम्मान किया*

*बेनिसर बारी  स्थित भोजक निवास में बच्चों की गीता क्लास लगाई जा रही है इस कार्य में शांतिलाल भोजक श्वेता भोजक सहित पूरा परिवार लगा हुआ है! उनकी बच्ची इप्सिता रोज तीन घटे गीता के श्लोक और 1अध्याय बच्चों को कंठस्थ कराती है उनको इन श्लोक के अर्थ भी बताती है!*

*छुट्टियों में बच्चों के संस्कार निर्माण में इस शानदार कार्य के लिए वंदे मातरम टीम ने आज इपशिता का का सामान भारत माता की तस्वीर और नगद पुरस्कार कर देकर किया!*
*इस अवसर पर संगीत सम्राट मोतीलाल जी रंगा के सुपुत्र भजन सम्राट नारायण रंगा जी भी मौजूद थे! उन्होंने बच्चों को श्लोक और मंत्र के महत्व के बारे में जानकारी दी*!
*वंदे मातरम टीम के विजय कोचर ने गीता श्लोक मंत्र शिक्षा के साथ रोज सुबह माता-पिता को प्रणाम करके आशीर्वाद लेने की बात भी कहीं*!
*पुरुषोत्तम सुथार ने बच्चों को गीता के ज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी!*

*कार्यक्रम के अंत में शांतिलाल भोजक और श्वेता भोजक ने सभी का धन्यवाद किया!*

*पुरुषोत्तम सुथार प्रचार प्रमुख वंदे मातरम टीम*

*मुकेश जोशी जिला संयोजक वंदे मातरम टीम बीकानेर*

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