अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद (केएमपी) बीकानेर शाखा द्वारा ज्ञानवाटिका एवं अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवक परिषद (केयूप) बीकानेर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में “खरतरगच्छ गौरव सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया।
समारोह में खरतरगच्छ समाज एवं ज्ञानवाटिका के उन सभी मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया, जिन्होंने नर्सरी से कक्षा 12वीं तक की परीक्षाओं में 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर समाज का गौरव बढ़ाया। साथ ही खेल जगत में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले खरतरगच्छ समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केएमपी की अध्यक्षा श्रीमती मनीषा जी खाचनजी ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। केएमपी की मंत्री श्रीमती लीला जी बेगानी ने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने तथा अपने धर्म एवं संस्कारों से सदैव जुड़े रहने का संदेश दिया। केयूप के मंत्री श्री विक्रम जी ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
ज्ञानवाटिका के वरिष्ठ अध्यापक श्री शांतिलाल जी कोठारी ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।
कक्षा 12वीं की मेधावी छात्रा खुशी नाहटा, जिन्होंने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, ने विद्यार्थियों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। वहीं हाल ही में राजस्थान राज्य शूटिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता मुस्कान बोथरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए अपने जुनून (Passion) को पहचानना और उसके प्रति निरंतर समर्पित रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन केएमपी की सदस्य एवं ज्ञानवाटिका की शिक्षिका श्रीमती श्वेता जी कोठारी ने अपनी सहज, प्रभावी एवं ओजस्वी मंच-संचालन शैली से किया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।
समारोह की सफलता में केएमपी की सभी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई तथा आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समारोह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, शिक्षा, संस्कार एवं खेल उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए समाज में शिक्षा और उत्कृष्टता के प्रति सकारात्मक संदेश दिया।
















