बीकानेर, 28 जून।
भीषण गर्मी के इस दौर में मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए राहत स्वरूप ठंडे पेय पदार्थों का वितरण किया गया। सेवा भाव से प्रेरित इस आयोजन का नेतृत्व पीयूष आचार्य ने किया, जबकि विनोद गुर्जर के मार्गदर्शन में यह सेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सेवा कार्य की शुरुआत प्रभु स्मरण के साथ हुई, जहां आयोजकों ने कहा कि “करने वाला प्रभु है, करवाने वाला प्रभु है, हम तो केवल निमित्त मात्र हैं।” इसी भाव के साथ सेवा दल ने अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को जीरा, ऑरेंज और लीची फ्लेवर की ठंडी-ठंडी जीरा सिप जूस की बोतलों का वितरण किया।
गर्मी के मौसम में इस तरह की सेवा से अस्पताल में मौजूद लोगों को बड़ी राहत मिली। मरीजों के परिजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सेवा न केवल शारीरिक राहत देती है, बल्कि मानसिक संबल भी प्रदान करती है।
सेवा दल का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल खाद्य सामग्री या पेय पदार्थ वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है और इसी सोच के साथ वे निरंतर समाजहित में कार्य कर रहे हैं।
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में किशन सोनी, मालचंद, रामकरण, रामस्वरूप, दिनेश, प्रह्लाद, अजय, नीरज और कुशाजरा सहित सभी साथियों ने तन-मन-धन से सहयोग प्रदान किया।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार नियमित रूप से सेवा कार्य जारी रखे जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
अंत में सेवा दल ने संदेश दिया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए।















