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सामूहिक एकासना, सामायिक कल


बीकानेर, 29 अगस्त। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 रामलालजी म.सा.,व उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के सान्निध्य में  रविवार को सामूहिक एकासना तप एवं  सात बार सामायिक साधना की जाएगी।
आचार्यश्री रामलालजी, उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के चातुर्मास ’’समर्पण 2026  के मीडिया प्रभारी अमित गोलछा ने बताया कि चारित्र आत्माओं के सान्निध्य में सामूहिक एकासना तप व  सामायिक साधना के लिए करीब 500 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने स्वीकृति प्रदान की है।  बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एकासना तप व सामायिक की साधना अपने घरों में स्थानक करेंगे। उन्होंने बताया कि बागड़ी मोहल्ले के सेवा सदन में आचार्यश्री के चातुर्मास स्थान पर विशेष क्लास सुबह सवा सात बजे,एकासना तप की आराधना व्यवस्था गोगागेट के पास के अग्रसेन भवन में की गई है। पूरे दिन भर में श्रावक-श्राविकाएं स्वेच्छा अनुसार घर या स्थानक कहीं पर भी 48 मिनट की सामायिक की साधना कर सकेंगे। अनेक श्रावक-श्राविकाएं ’’सवर की साधना’’ यानि रात पर सेवा सदन में रहकर सुबह से साधना शुरू कर देंगे। देश के अनेक इलाकों में भी साधुमार्गी जैन संघ के अनुयायी सामायिक व एकासना की साधना करेंगे। त्रि-धर्म आराधना की शुरूआत सुबह सवा सात बे चारित्र आत्माओं के सानिध्य में सेवा सदन में सुबह विशेष क्लास से होगी। एकासना व सामायिक साधना के लिए साधुमार्गी जेन संघ के परिवारों में डेार-टू-डोर संपर्क कर भागीदारी के लिए स्वीकृति ली गई।
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चार मुमुक्षुओं की भागवती दीक्षा 4 सितम्बर को
तैयारियां परवान पर
बीकानेर, 29 अगस्त। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 रामलालजी म.सा.,व उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के सान्निध्य में  छबीली घाटी के सेवासदन में चार मुमुक्षुओं की भागवती दीक्षा 4 सितम्बर को होगी। मुमुक्षु व उनके कुछ परिजन बीकानेर पहुंचने शुरू हो गए।
चातुर्मास के मीडिया प्रभारी अमित गोलछा ने बताया कि बैंगलुरू के मुमुक्षु नव रतन कोठारी, पाली के मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल, गातापार (धमतरी) की मुमुक्षु सुश्री काजल नाहर, सूरत की मुमुक्षु सुश्री दिया सुराणा की भागवती दीक्षा होगी। दीक्षा के दौरान देश के विभिन्न इलाकों के व स्थानीय करीब 2500 लोगों के आने की संभावनाओं को देखते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं का जिम्मा अनुभव व समर्पित श्रावकों को संभलाया गया है । उन्होंने बताया कि दीक्षा व्यवस्था का प्रभारी उम्मेद सेठिया को, आवास-निवास का प्रभारी सिद्धार्थ सेठिया  व राजेन्द्र गोलछा, को परिवहन व्यवस्था का महेन्द्र पारख व नेमचंद तातेड़ को, भोजन व्यवस्था का लूणकरण बुच्चा व मनोज पारख को प्रभारी बनाया गया है। मुमुक्षु परिवारों के लिए उनको स्टेषन से लेकर वापस स्टेशन छोड़ने की परिवहन व भोजन व्यवस्था के प्रभारी लूणकरण तथा चिकित्सा व्यवस्था की जिम्मेदारी सुशील बैद व संजीव सांड की रहेगी।
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भक्तामर स्तोत्र के हिन्दी संस्करण का लोकार्पण मंगलवार को
बीकानेर, 29 अगस्त। जैन धर्म के लोकप्रिय व प्रेरणादायक, सर्व मंगलकारी ऋषि मांगतुंग की ओर से रचित भक्तामर स्तोत्र के संकलित हिन्दी संस्करण का लोकार्पण मंगलवार को सुबह सवा नौ बजे रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में  सुरंजनाश्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी के सान्निध्य में होगा।
श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के अध्यक्ष महावीर सिंह खजांची ने बताया कि भक्तामर स्तोत्र का हिन्दी में संकलन व प्रकाशन सुश्रावक ज्ञान चंद सेठिया ने निःशुल्क वितरण के लिए किया है। इसको सभी जैन समुदाय के मुनियों व स्थानकों में निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। कार्यक्रम में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ,साधुमार्गी संघ, खरतरगच्छ, तपागच्छ, पार्श्वचन्द्रगच्छ तथा दिगम्बर जैन समाज के संघ प्रभारियों सहित प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है।
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राग-द्वेष से परे क्षमा व समता भावना रखे-साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी
बीकानेर, 29 अगस्त। बीकानेर के रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में शनिवार को सुरंजनाश्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वीश्री मुक्तांजनाश्रीजी ने चातुर्मासिक प्रवचन में राजा श्रेणिक व उसके पुत्र कोणिक के कथानक में माध्यम से कहा कि हर काल व परिस्थिति में राग-द्वेष से परे रहकर क्षमा व समता भावना तथा परमात्मा में विश्वास रखें। देव, गुरु व धर्म के जीव उच्च गति को प्राप्त करता प्रति सच्ची श्रद्धा, सेवा और धर्म के प्रभाव से बुरे कर्मों का क्षय होता है और है।

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Gordhan Soni

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