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इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के साथ छात्र बने ‘टेक्नोलॉजी लीडर्स’ : प्रो अखिल रंजन गर्ग, कुलगुरु

बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में मनाया गया इंजीनियर्स डे


बीकानेर, 15 सितंबर, महान भारतीय अभियंता और भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के यूसीईटी परिसर में दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे’ को समारोहपूर्वक मनाया गया। बीटीयू के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि “आइडिएट, इनोवेट,इंजीनियर” के संकल्प और इस वर्ष की आधिकारिक थीम “नवाचार और डिजिटलीकरण के माध्यम से एक सतत भविष्य के लिए स्मार्ट इंजीनियरिंग” पर केंद्रित इस समारोह में बी.टेक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलगुरु प्रो अखिल रंजन गर्ग, वित्त नियंत्रक हनुमान प्रसाद शर्मा, यूसीईटी प्राचार्य डॉ परबंत सिंह संधू ने दीप प्रज्ज्वलन और सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रीति पारीक, डॉ अनु शर्मा एवं छात्र प्रतिनिधि रोहित पंचारिया एवं शुभम वर्मा के संयोजन में संपन्न हुआ। सभी विजेता प्रतिभागियों को कलगुरु प्रो गर्ग द्वारा पुरस्कृत किया गया।

कुलगुरु प्रो.अखिल रंजन गर्ग ने विवि के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश के तकनीकी विकास में अभियंताओं के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने सर एम. विश्वेश्वरैया के आदर्शों पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसे ‘टेक्नोलॉजी लीडर्स’ बनना है जो उद्योग की आवश्यकताओं को समझें और समाज की वास्तविक समस्याओं का नवीन समाधान निकाल सकें। वित्त नियंत्रक हनुमान प्रसाद शर्मा ने कहा कि आज गणपति महोत्सव भी है जो हमें एक महान इंजीनियर बनने की प्रेरणा देते है। हमें अपने कौशल को विकसित करके देश की प्रगति में सहायक होना हैं। ये मानव और जीव के संगठित स्वरूप है। ये रचनात्मकता के प्रतीक है। यूसीईटी प्राचार्य डॉ परबंत सिंह संधू ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ भारत के विकास में अभियंताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, रचनात्मकता और समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान का माध्यम है।

इस अवसर पर तकनीकी प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसमे संरचनात्मक इंजीनियरिंग दक्षता पर आधारित ‘ब्रिज एंड टावर बिल्डिंग’ प्रतियोगिता तथा सिस्टम प्रोग्रामिंग पर केंद्रित ‘सी’ (C) लैंग्वेज कोडिंग हैकाथॉन मुख्य आकर्षण रहे। इसके अतिरिक्त, ‘सोशल मीडिया’ विषय पर वाद-विवाद, जनरल टेक क्विज़, पोस्टर मेकिंग, इंजीनियर्स डे पर भाषण प्रतियोगिता और ओपन थीम पर प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन जैसी स्पर्धाओं के माध्यम से छात्रों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खोज सेल के तत्वावधान में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए जमीनी स्तर के नवाचारों और सामाजिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स की भी खूब सराहना हुई।

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Gordhan Soni

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