






बीकानेर, 29 सितम्बर। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्यश्री रामलालजी महाराज, उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के सानिध्य में जैन साहित्य संगम संस्थान के तीसरे अधिवेशन, सोमवार रात को कवि सम्मेलन व पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए 25 से अधिक कवियों ने कविता, गीत व गजल की प्रस्तुतियों से देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।
राजस्थान प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी, कवि व साहित्यकार तथा जैन साहित्य संगम संस्थान के उपाध्यक्ष विजय सिंह नाहटा ने ’’सदा मुस्कराती रहे जिन्दगानी, सदा गीत गाते चले जिन्दगानी’’,, ब्यावर की श्रीमती ’वीना नाहर ने’’महिला सशक्तिकरण पर स्वर मुखर करते कहा ’’कोमलांगी नहीं, शिवांगी हूं मैं, अबला नहीं सबला हूं मैं ,के साथ कविता प्रतियोगिता में प्रथम आई अपनी रचना ’’समय की लेखनी से लिखी एक अमिट कहानी है,कर्मों की इस कर्म भूमि में, कर्म ही सच्ची निशानी है’’ सुनाकर करतल ध्वनि बटोरी।
उज्जैन के डॉ. अजय कीर्ति जैन ने अपनी कविता में अच्छा सोचने की बात कही ’’ किसी के बारे में ना बुरा कहेंगे, और ना सुनेंगे, बहुत हुआ, अब अपने बारे में, अपनोें के बारे मेंौर दुनियां के बारे में चलो, कुछ अच्छा सोचते है । बैंगलुरू के अशोक नागौरी ’’धर्म प्रेमी ने ’’प्यार की खुशबू’’, तेलंगाना सिकन्दराबाद के अशोक दोशी ’’दिवाकर’’ ने महावीर स्वामी की आरती ’’ आरती वीर जिनेश्वर की, आरती मेरे परमेश्वर की’’ के साथ चुनिंदा नई कविताओं को सुनाकर सराहना ली। मंदसौर की श्रीमती चंदा डांगी ने वर्तमान समय में युवाओं में खो रहे संस्कारों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ’’संस्कार ना जाने कहां खो गया, वाह क्या गजब हो गया’’ तथा पर्यावरण चेतना के संदेश की कविता ’’ सालों साल सब काट रहे पेड, विकास के नाम,उजाड़ रहे जंगल, बिगाड़ रहे पर्यावरण, अजय डांगी ने वर्षा के पानी को बचाने का संदेश दिया ’’ अमृत बरसा है, इसको यूं ही व्यर्थ न गंवाओं, आ पहुंची है, बरसात मनुष्यों नाचो गाओ’’ सुनाकर दाद ली।
कवि सम्मेलन में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ, साधुमार्गी जैन संघ, खरतरगच्छ, पार्श्वचन्द्र गच्छ, दिगम्बर जैन सहित विभिन्न जैन समुदायों के रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। इनमें जोधपुर की श्रीमती गुलाब बोथरा, सम्पत बोथरा, कमलेश जैन, पूना के कमल रांका, आसाम की सरोज दुग्गड़, हैदराबाद हर्षलता, उज्जैन की मीरां जैन, दिल्ली की कल्पना सेठिया, मुंबई के हुक्मचंद कोठारी, कुसुम, अशोक सुराणा, चंचल जैन, जयंती लाल जैन, उदयपुर के गोरव गोलेछा, हांसी हरियाणा की खुशबू जैन, विदिशा की सुधा चौधरी, उज्जेन के राजेन्द्र कांठेड़, कैलाश ’’तरल’’ , भोपाल के अरुण कुमार जैन, विजय भंडारी, व हैदराबाद की हर्षलता आदि ने काव्य पाठ किया।
सोमवार को आदिनाथ भवन में ’जैसा बोओगे, वैसा पाओगे’’ विषयक कविता प्रतियोगिता में ब्यावर की श्रीमती वीना नाहर प्रथम, मध्य प्रदेश के विदिशा की सुधा चौधरी द्वितीय व भोपाल के विजय भंडारी तृतीय रहे। इनको 5100,3100 व 2100 का नकद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र व सभी रचनाकारों का सम्मान पत्र मुख्य अतिथि मंत्री सुरेश बच्छावत, तथा जैन साहित्य संगम संस्थान के अध्यक्ष जगदीप हर्षदर्शी, उपाध्यक्ष विजय सिंह नाहटा, सचिव राजेन्द्र कांठेड, कोषाध्यक्ष कैलाश तरल, उज्जैन के विजय सुराणा, जावरा के डॉ.सी.एम. मेहता ने प्रदान किए। कार्यक्रम में जैन पाठशाला सभा के अध्यक्ष विजय कोचर, अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन महिला समिति की राष्ट्रीय मंत्री प्रीति डागा श्री साधुमार्गी सेवा समिति के कार्याध्यक्ष सुरेन्द्र दस्साणी, उपाध्यक्ष राजेन्द्र गोलछा, आवास व्यवस्था प्रभारी सिद्धार्थ सेठिया, अहिंसा प्रचारक महेश नाहटा, सहित बीकानेर, गंगाशहर व भीनासर गणमान्य जैन-अजैन सुधि श्रोता मौजूद थे।















