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लोकतंत्र बचाओ सप्ताह एवं वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी व इण्डिया गठबंधन ने संयुक्त की प्रेस वार्ता


बीकानेर, 06.10.2026

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार 02 से 08 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे लोकतंत्र बचाओ सप्ताह एवं वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर की ओर से आज संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
जैसाकि आपको विदित है कि भारत निर्वाचन आयोग के संस्थागत कब्जे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने उनके विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करने की मांग के समर्थन में आज की प्रेस वार्ता की जा रही हैं।

जिला कांग्रेस कमेटी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बीकानेर जिले में अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा। इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ समन्वय कर संयुक्त बैठकें, प्रेस वार्ताएं, जनजागरण कार्यक्रम एवं ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च आयोजित किए जाएंगे। साथ ही ब्लॉक स्तर तक कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों के साथ बैठकें कर आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तैयार की जाएगी।

देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल लोकतंत्र की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता का है। चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और यदि चुनाव कराने वाली संस्था की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े हों, तो यह पूरे लोकतांत्रिक तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर लोकतंत्र और संविधान के साथ समझौता स्वीकार नहीं करेगी। ज्ञानेश कुमार भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहा था। हमारी स्पष्ट मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए तथा उनके विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। यदि किसी संवैधानिक संस्था के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति के विरुद्ध गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो उनकी जांच होना जरूरी है। लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति कानून और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता। एसआईआर प्रक्रिया के अन्तर्गत विभिन्न राज्यों के अलावा बीकानेर में भी बड़े पैमाने पर वोट काटने की कोशिश की गई थी, परन्तु कांग्रेस पार्टी ने तत्कालीन समय में विधानसभा क्षेत्रों एवं जिला स्तर पर कई बार विरोध प्रदर्शन किए, तब जाकर काटे गये वोटो को पुनः जोड़ने का आदेश जारी हुआ। ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के लिए फॉर्म सं. 6 के साथ संलग्न घोषणा को माननीय सर्वोच्च न्यायलय द्वारा बरकरार रखे जाने के बावजूद गैर एसआईआर अवधि के लिए नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू फॉर्म में अपनी मरजी से बदलाव कर उसका दुरूपयोग किया। कई राज्यों में एक ही घर में, घर के मुखिया के नाम पर सौ अधिक वोट जोडकर तथा बहुतायत में एक राज्य से दुसरे राज्य में वोट जोड़कर फर्जी वोटिंग करवाई गई, तत्पश्चात भाजपा की सरकार बन जाने के बाद ऐसे नामों को शिकायत का हवाला देकर काट दिया गया। जब तक चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जनता के वोट की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।

शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि वोट देश के प्रत्येक नागरिक की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकत है। गरीब हो या अमीर, किसान हो या मजदूर, हर नागरिक के वोट का मूल्य समान है। इसलिए किसी भी स्तर पर मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया या चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका लोकतंत्र पर सीधा हमला है। हमारा वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान इसी लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा की लड़ाई है। भारतीय जनता पार्टी भारतीय निर्वाचन आयोग सहित देश की संवेधानिक संस्थाओं का लगातार दुरूपयोग कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी व इण्डिया गठबंधन दलों द्वारा लगातार इसका विरोध किया जा रहा हैं, विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए भाजपा सरकार ईडी, सीबीआई, सीआईडी, आईडी, इन्कम टैक्स, पुलिस इत्यादि का दुरूपयोग करते हुए इन विभागों से विपक्षी नेताओं के घर छापेमारी करवाने का कार्य कर रही हैं। सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन लोकतंत्र और संविधान देश की स्थायी ताकत हैं। कांग्रेस पार्टी इनके साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। बीकानेर जिले में लोकतंत्र बचाओ सप्ताह और वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और ब्लॉक स्तर तक पहुंचकर जनता को जागरूक करेंगे तथा इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर संयुक्त कार्यक्रम और मार्च आयोजित किए जाएंगे। यह लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और जनता के वोट के अधिकार की लड़ाई है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव बजरंग छिंपा ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता लोकतंत्र की पहली शर्त है। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के मतदाता सूची से हटाया जाता है और दूसरी ओर संदिग्ध तरीके से नाम जोड़े जाते हैं, तो यह सीधे तौर पर मतदाता के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करता है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने हमेशा निष्पक्ष मतदाता सूची और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की मांग की है। हमारी मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार जो कि भाजपा का एजेंट हैं, उसको पद से तुरन्त हटाया जाए तथा उनके विरुद्ध लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र गिरफ्तार किया जायें।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इण्डिया के जिला सचिव अविनाश व्यास ने कहा कि निर्वाचन आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संवैधानिक स्तंभ है। आयोग की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। जब विपक्ष और आम मतदाता चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हैं, तो सरकार और निर्वाचन आयोग को उन सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इण्डिया की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक किए जाएं और राजनीतिक दलों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर मिले।

जिला महासिचव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रेस वार्ता में प्रकोष्ठ अध्यक्ष आम्बाराम ईणखिया, करणीसिंह राजपुरोहित, माकपा के रमेश मितड़ भी मौजूद रहें।

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Gordhan Soni

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