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जस्सूसर गेट स्थित दुर्गा माता मंदिर में नवरात्रि पर प्रतिदिन हो रहा भव्य श्रृंगार, विशेष अनुष्ठानों से भक्तिमय हुआ माहौल


कोलकाता से लाई गई अष्टधातु की महिषासुर मर्दिनी प्रतिमा के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु, मंदिर में आकर्षक विद्युत सजावट

अष्टधातु की मूर्ति का महिषासुर मर्दिनी का बीकानेर में एकमात्र मंदिर

बीकानेर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जस्सूसर गेट के बाहर स्थित दुर्गा माता मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मंदिर में माता रानी का प्रतिदिन नए-नए स्वरूपों में भव्य श्रृंगार किया जा रहा है। आकर्षक विद्युत रोशनी और विशेष सजावट से मंदिर परिसर की सुंदरता देखते ही बन रही है। सुबह से रात तक मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती और दर्शन का सिलसिला जारी है। नवरात्रि के चलते मंदिर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

मंदिर में प्रतिदिन माता रानी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। श्रद्धालु माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर में नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े पुजारियों के अनुसार, इन अनुष्ठानों को संपन्न करवाने के लिए काशी से विद्वान पंडित आए हुए हैं, जो विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

विधि-विधान से हो रही पूजा-अर्चना
मंदिर के पुजारी सचिन मिश्रा ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के दौरान मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना के साथ विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। माता रानी का प्रतिदिन भव्य श्रृंगार किया जाता है, जिससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हर दिन माता के अलग और आकर्षक स्वरूप के दर्शन करने का अवसर मिलता है।

मंदिर के पुजारी नीतेश दुबे ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष अनुष्ठान चल रहे हैं। इन अनुष्ठानों को संपन्न करवाने के लिए काशी से पंडित आए हुए हैं। वैदिक परंपराओं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-पाठ किया जा रहा है।

सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक दर्शन
मंदिर के प्रबंधन से जुड़े सेवानिवृत्त कैप्टन भीया राम चौधरी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में नियमित आरती और दर्शन की व्यवस्था की गई है। मंदिर में सुबह 6 बजे प्रातःकालीन आरती होती है। इसके बाद सुबह 9 बजे आरती की जाती है। शाम को 6:50 बजे संध्या आरती होती है, जिसके बाद श्रद्धालु रात 10:30 बजे तक माता रानी के दर्शन कर सकते हैं।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष सजावट की गई है। रोशनी से सजा मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन होने वाले श्रृंगार और धार्मिक अनुष्ठानों के चलते यहां श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिल रहा है।

कोलकाता से बीकानेर लाई गई महिषासुर मर्दिनी की भव्य प्रतिमा
जस्सूसर गेट स्थित इस दुर्गा माता मंदिर की एक विशेष पहचान यहां विराजमान माता रानी की भव्य अष्टधातु प्रतिमा है। मंदिर के संस्थापक प्रकाश कुमार मोहता ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। बताया जाता है कि माता की यह प्रतिमा कोलकाता से बीकानेर लाई गई थी। मोहता परिवार की कई पीढ़ियों से इस प्रतिमा की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।

जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा पहले कोलकाता में परिवार के कारोबार से जुड़े स्थान पर विराजमान थी। परिवार की गहरी आस्था और माता रानी के प्रति श्रद्धा के चलते प्रतिमा को बीकानेर लाकर मंदिर में स्थापित किया गया। इस प्रकार कोलकाता से जुड़ी पारिवारिक पूजा परंपरा अब बीकानेर में भी निरंतर आगे बढ़ रही है।

अष्टभुजा स्वरूप में विराजमान हैं माता रानी
मंदिर में माता दुर्गा की प्रतिमा महिषासुर मर्दिनी स्वरूप में विराजमान है। अष्टधातु से निर्मित इस भव्य प्रतिमा की आठ भुजाएं हैं। प्रत्येक भुजा में देवी के शस्त्र धारण करने का स्वरूप दिखाई देता है। प्रतिमा में माता महिषासुर का वध करती हुई दर्शाई गई हैं। माता ने एक पैर से महिषासुर को दबा रखा है और हाथ से उसकी पूंछ पकड़ी हुई है। यह स्वरूप शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।

प्रतिमा की भव्यता, पारंपरिक स्वरूप और धार्मिक महत्व के कारण मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु विशेष आकर्षण महसूस करते हैं। नवरात्रि के दिनों में माता के श्रृंगार और विशेष पूजा-अर्चना से मंदिर की धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।

कोलकाता से लाइव आरती से भी जुड़ते हैं श्रद्धालु

मंदिर के संस्थापक प्रकाश कुमार मोहता कोलकाता से भी मंदिर की गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। जानकारी के अनुसार, वे प्रतिदिन कोलकाता से लाइव प्रसारण के माध्यम से माता रानी की आरती से जुड़ते हैं। इससे मंदिर और कोलकाता स्थित परिवार के बीच धार्मिक जुड़ाव बना हुआ है।


दुर्गा माता के साथ-साथ यहां पर गणेश जी, दत्तात्रेय जी,श्रीनाथ जी और हनुमान जी के मंदिर भी प्रागण में बने हुए हैं।
शारदीय नवरात्रि के दौरान जस्सूसर गेट स्थित दुर्गा माता मंदिर में भव्य श्रृंगार, विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक अनुष्ठान और आकर्षक रोशनी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विशेष केंद्र बने हुए हैं। माता रानी के दर्शन के लिए आने वाले भक्त पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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Gordhan Soni

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