श्रीडूंगरगढ बीकानेर। तोलाराम मारू
तहसील के ग्राम गुसाईसर बड़ा में संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ मंगल कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा ग्राम के ठाकुरजी मंदिर से रवाना होकर कथा स्थल पहुंची। भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कथा वाचक ब्रज रज रसिक कृष्ण कीकर ने धर्मोपदेश दिया कि भागवत कथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अनुपम संगम है । यह मानव को निष्काम भक्ति के भाव से जोड़ती है । उन्होंने धुंधकारी और गोकर्ण की कथा सुनाते हुए कहा कि गुरु वचनों पर विश्वास, दीनता की भावना, अपने मन के दोषों पर विजय और चित्त की एकाग्रता हो तो जीवन कल्याणमय हो सकता है। भागवत कथा का समय साय 3 से 6 बजे तक रखा गया है। भागवत कथा शुरू होने से पूर्व कथा आयोजक मुख्य यजमान भीमसेन अमित सारस्वा ने व्यास पीठ पर रखी भागवत जी की पूजा अर्चना वैदिक मंत्रोचार से की। भागवत कथा में ग्राम के प्रयागचंद, बाबूलाल, मदनलाल ,श्यामसुंदर ,नवीन सारस्वत, रामलाल मोट सहित अनेकों धर्म श्रद्धालुओ ने कथा सुनकर आध्यात्मिक लाभ उठाया।
















