नोखा आंखो में मिर्ची डालकर हुई सोने की लुट का खुलासा
पुलिस थाना नोखा आंखो में मिर्ची डालकर हुई सोने की लुट का खुलासा पुलिस थाना नोखा की त्वरित कार्यवाही । – आंखो में मिर्ची लाडकर 140 ग्राम सोना लुट करने की घटना का नोखा पुलिस ने किया खुलासा – स्वर्णकार ही निकला घटना का षडयंत्रकर्ता वारदात निकली झुठी – पुलिस द्वारा गहन अनुसंधान व पुछताछ से किया खुलासा । दिनांक 20.06.2021 को श्री मोहनलाल पुत्र गुलाबचंद जाति सोनार उन 49 साल निवासी वार्ड नम्बर 40 करणीमाता मंदिर के पास जोरावरपुरा नोखा ने प्रकरण दर्ज करवाया कि आज दिनांक 2006 2021 को यक्त करीबन 2 से 230 के बीच दोपहर में घर से सोने के जेवरात लेकर शोरुम जा रहा था । मैं मोहन चौक के पास गली में , मेरी स्कूटी न . RJ50585662 से पहुंचा तो सामने से दो लड़के लाल रंग की मोटर साईकिल लेकर आये । जिनके एक ने गेहुएं रंग की टी शर्ट पहन रखी थी पीछे जो व्यक्ति बैठा था उसने काले रंग की टीशर्ट पहन रखी थी । एक व्यक्ति ने मेरी स्कूटी के लात मारी और मुझे नीचे गिरा दिया व मेरी आंखो मे लाल मिर्थ डाल दी । मेरी बनीयान में प्लास्टिक की थैली में जेवरात रखे थे जो उक्त छीनकर ले गये । जिनसे एक नेकलेस वजन 70 ग्राम , पाटला सोने के दो नग वजन 46 ग्राम , कान के पते वजन 14 ग्राम था व 10 ग्राम का सोने का टुकडा था । इस प्रकार लगभग 140 ग्राम सोना था । जो अज्ञात दोनो व्यक्ति छीनकर भाग गये । घटना पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया । अनुसंधान के दौरान श्रीमान प्रफुल्ल कुमार आईपीएस महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज बीकानेर , श्रीमान प्रीति चन्द्रा आईपीएस पुलिस अधीक्षक बीकानेर व श्री शेलैन्द्रसिंह इन्दौलिया आईपीएस कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक जिला बीकानेर के निर्देशन में तथा श्री सुनिल कुमार आरपीएस अति . पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीकानेर प श्री नेमसिंह चौहान आरपीएस वृताधिकारी नोखा के निकट सुपरविजन में थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद पुलिस निरीक्षक मय टीम द्वारा घटना की सूचना मिलते ही अविलम्ब घटनास्थल पर पहुंच कर घटना के सम्बंध में अनुसंधान प्रारम्भ किया । दौराने अनुसंधान घटना के सम्बंध मे निग्न तथ्य सामने आये : 1. घटनास्थल जो की जोरावरपुरा में मोहन चौक के पास गली का है , पर पहुंच कर परिवादी से घटना के सम्बंध में बातचीत की गई तथा घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया गया । परिवादी ने अज्ञात आरोपीगण द्वारा स्वंय की आखो में लाल मिर्च डालकर सोना लूट करने की बात कही , परन्तु घटनास्थल के निरीक्षण से घटनास्थल पर लाल मिर्च बिखरी हुई नही पाई गई । केवल नाली में कुछ जगह लाल मिर्च एक स्थान पर पड़ी हुई थी जो फेंकी हुई प्रतित नहीं हो कर , किसी व्यक्ति द्वारा जान बूझकर डाली हुई प्रतित हो रही थी । 2 परिवादी ने स्वंय का स्कूटी पर होना तथा स्कूटी के अज्ञात व्यक्ति द्वारा लात मारकर , स्कूटी को नीचे गिराना तथा स्वंय का नीचे गिरना बताया , परन्तु स्कूटी के निरीक्षण से , स्कूटी के किसी प्रकार की कोई स्केच अथवा डेमेज नहीं होना पाया गया तथा नाही परिवादी में शरीर पर किसी प्रकार की कोई चोट होना पाया गया । 3. घटनास्थल के निरीक्षण के तुरन्त बाद परिवादी का मेडिकल मुआयना करवाया गया । मेडिकल मुआयना के दौरान श्रीमान एमओ साहब ने परिवादी की आंखो में मिर्ची नहीं गिरी होना बताया तथा कपड़ो में भी मिर्ची नहीं गिरी होना बताया केवल परिवादी के मास्क मे ही मिर्ची की उपस्थिति बताई । 4. घटनास्थल पर एक अखबार के टुकड़े में मिर्थी पड़ी हुई पाई गई थी जो गहरे लाल रंग की नही होकर हल्के पीले रंग की थी , वैसा का वैसा ही घिसा हुआ मिर्ची पाउडर परिवादी के मकान में रसोई के अन्दर एक प्लास्टिक की थैली मे खुली अवस्था में पड़ा हुआ पाया गया । 5. घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरो के फुटेज का सुक्ष्मता से अवलोकन किया गया तो घटनास्थल के आसपास परिवादी के बताये हुलिये के दो व्यक्ति तथा लाल रंग की मोटरसाईकिल घटनास्थल पर नही आना पाया गया । 6. घटनास्थल जो की आबादी क्षेत्र मे है , जिसके आस पड़ोसियान ने परिवादी के साथ लूट जैसी कोई घटना घटित नही होना बताया ।

7. परिवादी के मोबाईल कॉल डिटेल के विशलेषण से पाया गया कि परिवादी द्वारा बताये गये स्थानों पर परियादी की लोकेशन नहीं होना पाया गया तथा घटना से पुर्व लोकेशन कटला चौक नोखा होना पाया गया । 8. करवे मे कटला चौक व घटनास्थल के मध्य लगे हुये अन्य सीसीटीवी कैमरो के फुटेज के अवलोकन से घटना से ठीक से नहीं आकर कस्बा नोखा में कटला चौक , जैन चौक आदि स्थानों पर जाना पाया गया । 9. कस्या नोखा में कटला चौक व जैन चौक के ईर्द गिर्द स्थित स्वर्ण की दुकानदारों से परिवादी के सम्बंध में जानकारी की गई तो घटना से ठीक पहले परिवादी का अपनी दुकानों पर काम मांगने आना बताया । परियादी स्वर्ण की दुकानदारों से सोना लेकर मजदूरी पर गहने बनाने का काम करता है । 10. परिवादी से मनोवैज्ञानिक तरीके से पुछताछ करने पर , परिवादी ने घटना स्वंय द्वारा ही मनगढत होना बताया तथा बताया कि मैं दुकानदारों से सोना लेकर गहने बनाने का काम करता हूं परन्तु मेरे हिसाब में 8-10 तोला सोने की कमी चल रही है । इस कारण मैं एक दूसरे दुकानवालो से गहने बनाने का काम लेकर रोटेशन के हिसाब से एक दूसरे के सोने के गहने , दूसरे को तथा दूसरे के गहने अन्य को बना कर दे देता हूं । जिसमें मेरे 8-10 तोला सोना जो कम चल रहा है उसका रोटेशन बना रहता है । लेकिन अभी लोकडाउन में शादी समारोह नही होनों के कारण मुझे सोने के गहने बनाने के ऑडर नहीं मिला तथा अभी जिस स्वर्णकार ने मुझे सोना गहने बनाने के लिये दिया था , उसके दिये सोने के गहने मैने पूर्व मे बकाया चल रहे स्वर्णकार को दे दिये । परन्तु अब अभी वाले स्वर्णकार ने मुझे अपने दिये हुये सोने के गहने जल्द से जल्द बनाकर देने का दवाब बना दिया था । मेरे से बाजार में सोने की व्यवस्था नहीं हुई । इस कारण मैने उक्त सोना लूट कर ले जाने की झूठी मनगढंत कहानी बनाई थी । घटना की सम्पूर्ण तहकीकात से परिवादी द्वारा घटना मनगढंत बनाकर प्रकरण दर्ज करवाना पाया गया । घटना के सम्बंध में परियादी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्यवाही की जायेगी ।
















