बीकानेर, 26 मई। साध्वीश्री विजयप्रभा, चंदनबाला, भक्तामर प्रसारिका साध्वीश्री मृगावती श्रीजी व प्रभंजना श्रीजी के सान्निध्य में चल रहे ’’चलो जिन दर्शन से निज दर्शन की ओर ’’धर्म जागरण अभियान के तहत रविवार को प्राचीन भांडाशाह जैन मंदिर व लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर के भगवान नेमिनाथ मंदिर में चैत्यवंदन, स्तुति-स्तवन किया गया।
भक्तामर प्रसारिका साध्वी मृगावती श्रीजी के नेतृत्व में नाहटा चौक के भगवान आदिनाथ मंदिर में सामूहिक भक्तामर पाठ के के बाद साध्वीवृंद व श्रावक-श्राविकाओं का जत्था देव, गुरु व धर्म के नारे लगाते हुए भांडाशाह जैन मंदिर पहुंचा जहां मूलनायक भगवान सुमति नाथ व अन्य तीर्थंकरों के मंदिरांं व लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर के भगवान नेमिनाथ मंदिर में भजनों के साथ चैत्यवंदन,स्तुति-स्तवन किया। सोमवार को सुबह पौने छह बजे नाहटा चौक के भगवान आदिनाथजी के मंदिर में भक्तामर के सामूहिक पाठ के बाद साध्वीवृंद के नेतृत्व में गंगाशहर रोड स्थित पार्श्वचन्द्र सूरी दादाबाड़ी के मंदिर व उनके सामने स्थित दादाबाड़ी में चैत्यवंदन,स्तुति-स्तवन किया जाएगा।
विचक्षण संयम शताब्दी दिवस 28 को
साध्वीश्री विचक्षणश्रीजी के संयम शताब्दी दिवस मंगलवार को रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे सुबह नौ बजे से दस बजे तक सामूहिक सामयिक,कासना, आयम्बिल, निवि आदि तपस्याओं व जप, तप के साथ मनाया जाएगा। श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के मंत्री रतन लाल नाहटा ने बताया कि विरल विभूति, समता मूर्ति, जैन कोकिला 20 वीं सदी की महान साध्वीश्री विचक्षण श्रीजी के आचरण में आगम तथा सद्गुणों में समागम था। उन्होंने कै।सर जैसी महाव्याधि में तीन वर्ष में जिन्होंने तीन दवा की गोली नहीं ली, पर वेदना को समभाव पूर्वक सहन किया ’’शरीर अपना काम करता है, हम अपना काम करते है’’।
विशला माता मंदिर में पूजा
कोचर परिवारों की कुलदेवी करमीसर स्थित विशला माता के मंदिर में रविवार को रोशनलाल, महेन्द्र, सुरेन्द्र व राहुल कोचर परिवार की ओर से भक्ति गीतों के साथ पूजा की गई। पूजा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने हिस्सा लिया। पूजा के दौरान देवी विशला माता की प्रतिमा के चांदी का नये से मुकुट श्रृंगार किया गया। देवी की बड़ी आरती की गई । श्रद्धालुओं के लिए कोचरों के चौक से विशाला माता मंदिर तक ले जाने व लाने के लिए वाहन व्यवस्था पूजा के लाभार्थी परिवार की ओर से की गई।














