समाज में महिलाओं के सम्मान के साथ कुरीतियां बदलने की ही नहीं आज के समय को
देखते हुए नई रस्म निभाने की मिसाल भी हमारे क्षेत्र से पूरे समाज को मिली है। गांव धीरदेसर पुरोहितान निवासी रामावतार
सोनी ने अपने पुत्र मोहित सोनी का विवाह जोधपुर निवासी एडवोकेट कीर्ति सोनी पुत्री भरत सोनी से सम्पन्न करवाया।
रामावतार सोनी ने अपने पुत्र के विवाह के पश्चात समठुणी की रस्म में दहेज को ना कहते हुए केवल मान स्वरूप एक रूपया व
नारियल लेकर हाथ जोड़ें और वधू पक्ष से विदा ली। सोनी ने बताया कि पढ़ी लिखी व संस्कारित बैटी मिलना व घर में आना ही
सबसे बड़ा सगुन है। आज के समय को देखते हुए महिला के सम्मान में दहेज प्रथा से समाज को छुटकारा मिलना चाहिए। यहां
ना केवल पुरानी व खोखली रीत को छोड़ा गया वरन आज समाज में बेटी व पर्यावरण की दुर्दशा को देखते हुए एक नया रिवाज
अपनाया। दूल्हा दुल्हन ने सात वचन लेने के बाद आठवां वचन बैटी, पेड़ व जल बचाने का लिया।
दोनों पिता गद्गद् कहा हमें बच्चों पर गर्व है।
पिता रामावतार सोनी व कीर्ति के पिता भरत सोनी ने कहा कि हमें बच्चों पर व इनकी नई सोच
पर गर्व है। एडवोकेट बहू ने अपनी शिक्षा व समझदारी का परिचय दिया व सामाजिक कुरीतियों ने लड़ने व समाज हित में
योगदान देने की मिसाल कायम की है। सोनी ने कहा कि सामाजिक कुरूतियां जड़ से खत्म होनी चाहिए और ये कार्य युवा कंधो
पर ही है और बड़ें बुजुर्ग को भी इसमें आगे आकर बच्चों का साथ देना चाहिए।
















