भांडाशाह मंदिर में पूजा, अभिषेक व ध्वजा उत्सव
गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने 108 ऊंचे
मंदिर के शिखर पर चढ़कर मंत्रोच्चारण से ध्वजा बदलवाई
बीकानेर, 23 सितम्बर। श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के तत्वावधान में सकल श्रीसंघ के सहयोग से गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर, बाल मुनि मीत प्रभ सागर के सान्निध्य में मंगलवार को 15 वीं शताब्दी में विक्रम संवत 1541 में बने भांडाशाह जैन मंदिर में 511 वां वार्षिक ध्वजा उत्सव शांति स्नात्र पूजा, भक्ति संगीत के 18 अभिषेक के साथ मनाया गया।
श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष हरीश नाहटा ने बताया कि गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर व बाल मुनि मीत प्रभ सागर ने भूतल से 108 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर पर चढ़कर लाभार्थी श्रावकों से मंदिर की पांच ध्वजाओं को ’नवकार महामंत्र’’ सहित विभिन्न मंत्रोंच्चारण के साथ प्रतिष्ठित किया गया। भारत सरकार के पुरातत्व विभाग से संरक्षित इस मंदिर में पहली बार गणिवर्य, मुनिवृंद ने शिखर पर चढ़कर नई ध्वजाओं की प्रतिष्ठा करवाई।
नाहटा ने बताया कि नीमच के विधिकारक संजय कांकरिया व सुनील जैन ने विधि विधान से स्नात्र पूजा व अभिषेक करवाया। पूजा के दौरान गणिवर्य,बाल मुनि मीत प्रभ सागर, वरिष्ठ गायक सुनील पारख, विचक्षण महिला मंडल ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। उन्होंने बताया कि मूलनायक सुमति नाथजी जैन धर्म के पांचवें तीर्थंकर थे। उनका जन्म अयोध्या में हुआ था उनका प्रतीक चिन्ह चकवा (हंस) है। सुमति नाथ का अर्थ है ’शुद्ध बुद्धि वाले, दिव्य ज्ञान व आंतरिक स्पष्टता के प्रतीक सत्य व अहिंसा का मार्ग दिखाने वाला है।
तीन मंजिल वाले इस मंदिर में भगवान सुमति नाथ की चर्तुमुखी सफेद संगमरमर की प्रतिमा का अभिषेक व पूजन वार्षिक ध्वजा के लाभार्थी परिवारों ने लिया। इनमेंं भंवर लाल, वीरमती देवी, अभय डागा परिवार, राजेन्द्र कुमार, शशि देवी, कृष्ण, अंजू व अनुपम लूणिया परिवार, श्रीमती तीजा देवी, विजय कुमार पुखराज डागा परिवार, मोतीचंद, नरेन्द्र व राजीव खजांची परिवार, पूनम चंद, सुरेश कुमार गोलछा, श्रीमती पुष्पा देवी कोचर, अनुराधा,झिलमिल विपुल व आरती कोचर परिवार शामिल थे।
नाहटा ने बताया कि मांगलिक चिन्ह अंकित पांच ध्वजाओं का शुद्धिकरण गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर आदिठाणा ने वासक्षेप व मंत्रोंच्चारण से करवाकर प्रतिष्ठत करवाया। नींव में घी के लिए देश-विदेश में प्रख्यात मंदिर के वार्षिक ध्वजा उत्सव में श्री चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के पूर्व अध्यक्ष निर्मल धारिवाल, जैन महासभा के पूर्व अध्यक्ष विजय कोचर, प्रन्यास के उपाध्यक्ष महावीर डागा, कोषाध्यक्ष फतेहचंद खजांची, सदस्य पवन खजांची, संदीप मुसरफ, श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट के पूर्व मंत्री रतन लाल नाहटा, महावीर इंटरनेशनल के नरेन्द्र सुराणा, खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के सदस्य, चिंतामणि प्रन्यास के अनेक सदस्य, श्रावक श्राविकाएं मौजूद थे।




































