Bikaner Live

दरवाजे की व्यथा — मेरी आवाज़ सुनो
soni

पब्लिक पार्क गेट की दुर्दशा पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास
पब्लिक पार्क में प्रवेश के लिए रियासतकालीन तीन दरवाजों में एक दरवाजा जर्जर होने की दशा में बेरिकेट्स लगाकर अरसे  बन्द पड़ा है। जिला प्रशासन का मुख्यालय होने के बावजूद इस की सुध नहीं ली गई। आमजन को रोज जाम से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी ने  जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करवाने के लिए बेनर में  दरवाजे की व्यथा — *मेरी आवाज़ सुनो* व्यंग लिखकर चस्पा किया।
बेनर में लिखा कि –
*मै रियासतकालीन गेट हूं अरसे से मेरी हालत ऐसी है। मेरे दो साथी गेट निर्बाध आवागमन में सक्रिय हैं। सांसद, नेता, मंत्री,एम एल ए, कलक्टर की आंख का तारा, वकील एवं आला अफसरों की नजर मुझ पर आज तक नहीं पड़ी। दीपावली पर प्रशासन ने पूरा शहर जगमग किया। मैं अभागा मुंह ताकता रहा। शासन चाहे तो रातों-रात मुझे बेरिकेट्स से मुक्त कर सकता है।कई पत्रकारों साथियों ने मुझे देखकर छापा भी था
4 नवंबर से सड़क सुरक्षा पखवाड़े में शायद मुझे कुछ उम्मीद हुई है कि शहर की सुचारू यातायात व्यवस्था में भागीदारी मिले ताकि मैं रियासत की प्रीत निभा सकूं। धन्यवाद

Picture of Gordhan Soni

Gordhan Soni

खबर

http://

Related Post

error: Content is protected !!