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श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी महाराज के मंगलपाठ से उदासर में 16 जनवरी को होगा श्री अनेकान्त विहार का लोकार्पण,मात्र 10 रुपए प्रतिमाह में जैन समाज के जरुरतमंद परिवार को मिलेगा फ्लेट

श्रीमद् विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी महाराज के मंगलपाठ से उदासर में 16 जनवरी को होगा श्री अनेकान्त विहार का लोकार्पण

मात्र 10 रुपए प्रतिमाह में जैन समाज के जरुरतमंद परिवार को मिलेगा फ्लेट

बीकानेर। समाज समृद्ध हो और जरुरतमंद की मदद हो इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु ग्राम पंचायत रोड उदासर में श्री अनेकान्त विहार का लोकार्पण 16 जनवरी 2026 को होने जा रहा है। श्री जनमंगल फाउंडेशन, बीकानेर द्वारा मुनिश्री अनेकान्त विजयश्री महाराज की स्मृति में एवं स्व. केसरीचन्द कोचर (मकडज़ी), स्व. लालचन्द सुराणा, स्व. राजेन्द्र प्रसाद कोचर की प्रेरणा से श्री अनेकान्त विहार का निर्माण किया गया है। श्री जनमंगल फाउंडेशन के विमल कोचर एवं विनोद दस्साणी ने बताया कि अनेकान्त में 76 फ्लेट 1 बीचके एवं 2 बीएचके का निर्माण किया गया है तथा जैन समाज के जरुरतमंद परिवार को यह फ्लेट निवास हेतु दिए जाएंगे। सुशील बैद एवं विकास सिरोहिया ने बताया कि विगत करीब चार वर्षों की अवधि में बने इस अनेकान्त विहार का लोकार्पण शुक्रवार सुबह 10:30 बजे परम पूज्य गच्छाधिपति पद्मश्री विभूषित आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरीश्वरजी महाराज आदि ठाणा की पावन निश्रा में होगा। आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेशमल बोथरा ने बताया कि जैन समाज में जरुरतमंद वर्ग को तीन वर्ष की अवधि के लिए यह फ्लेट मात्र 10 रुपए प्रति माह टोकन के रूप में दिया जाएगा, ताकि समाज की सम्पत्ति का अधिकार श्री जनमंगल फाउंडेशन ट्रस्ट के पास ही रहे। तीन वर्ष के बाद यदि वह परिवार अन्य स्थान पर स्वयं का मकान बनाने में सक्षम नहीं होता है तो पुन: रजिस्ट्रेशन करवा कर तीन वर्ष तक निवास कर सकता है। यह प्रकल्प समाज के लोगों के लिए समाज के लोगों द्वारा ही सम्पन्न किया जा रहा है। जेठमल सुराना व राहुल कोचर ने बताया कि निर्माण कार्य से पहले आचार्यश्री जयानन्दजी सूरीश्वर जी महाराज की निश्रा में तथा सिरोही निवासी मनोज भाई हरण के सान्निध्य में शिलान्यास किया गया था। विगत 58 वर्षों से समाजसेवा में जुटे हुए समाजरत्न जेठमल सुराणा के मार्गदर्शन में यह प्रकल्प शुरू हुआ। गौरतलब है कि श्री अनेकान्त जी महाराज के संसारपक्षीय तीनों सुपुत्र आचार्यश्री जयानन्दसागर जी महाराज, गच्छाधिपति धर्मधुरंधरसूरिश्वर जी महाराज एवं गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरीश्वरजी महाराज संत साधना के उच्चतम शिखर पर विराजित हैं। खास बात यह है कि गच्छाधिपति धर्मधुरंधरसूरिश्वर जी महाराज एवं आचार्य श्री पीयूषसागर जी महाराज के चरणकमलों से यह भूमि पावन हो चुकी है।

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Prakash Samsukha

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