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सर्वाधिक भूमि दान के लिए भीनासर के  सुमति लाल बाँठिया को किया सम्मानित
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सर्वाधिक भूमि दान के लिए भीनासर के बाँठिया परिवार के सुमति लाल बाँठिया को सम्मानित किया

बीकानेर। बीकानेर में नत्थूसर गेट के बाहर स्थित राज राजेश्वरी त्रिपुरा सुन्दरी मन्दिर का 20वाँ पाटोत्सव पर श्रद्धा भक्ति व धार्मिक उल्लास के वातावरण में भव्य रूप से मनाया गया। इस पावन अवसर पर बीकानेर के प्रबुद्ध जनों को मंदिर समिति की ओर से माल्यार्पण कर शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया जिसमें बीकानेर ने सर्वाधिक 81200 गज भूमि विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक कार्यों के लिए दान करने वाले भीनासर के बॉठिया परिवार से सुमति लाल बाँठिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। बाँठिया परिवार द्वारा भीनासर में विभिन्न क्षेत्रों में दान की गई भूमि का विवरण निम्न प्रकार है।

  1. भीनासर के सेठ हमीरमल जी, कानीराम जी व बहादुर मल जी ने मिलकर वर्ष 1909 में भीनासर का प्रथम प्राथमिक स्कूल करीब 10,000 गज भूमि में मुरली मनोहर मन्दिर के पास खोला जिसका उद्घाटन तत्कालीन महाराजा गंगासिंह जी ने किया। बाद में शाला को शिक्षण कार्य हेतु शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार को समर्पित कर दिया ओर सरकार ने बाद में इसे पहले उच्च प्राथमिक, फिर माध्यमिक और अब उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत कर दिया जिसमें सहशिक्षा प्रदान की जाती है।
  2. वर्ष 1932 में जब स्त्री शिक्षा के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था, भीनासर के सेठ चम्पालाल जी बाँठिया ने अपने पिताजी हमीरमल जी की स्मृति में करीब 10,000 गज भूमि में जवाहर विद्यापीठ के पास केवल लड़‌कियों की शिक्षा के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय खोला जिसका उद्घाटन तत्कालीन महाराजा सार्दुलसिंह जी ने किया। बाद में इस शाला को शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार को दान कर दी और सरकार ने बाद में इसे माध्यमिक और अब उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत कर दिया और अभी तक सेठ हमीरमल जी बाँठिया राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के नाम से अभी भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
  3. सेठ चम्पालाल जी बाँठिया स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के आचार्य श्री जवाहरलाल जी महाराज के अनन्य भक्त थे ओर भीनासर में आपके हॉल में उनका स्वर्गवास होने के बाद आचार्य श्री की स्मृति में लड़कों की एक शाला अपनी फर्म मैसर्स हमीरमल चम्पालाल के सौजन्य से करीब 50,000 गज भूमि क्रय करके वर्ष 1953 में श्री जवाहर हाई स्कूल के नाम से खोली जिसमें आगे की करीब 25,000 गज भूमि में 30 कमरे बनाकर और पीछे की 25,000 गज भूमि खेल के मैदान हेतु खाली छोड़ दी। इसका उद्घाटन तत्कालीन शिक्षा मंत्री नाथूराम जी मिर्धा द्वारा किया गया। बाद में शाला को शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार को दान कर दी और सरकार ने इसे उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत कर दिया। पिछली कांग्रेस सरकार के शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला ने पीछे की 5000 गज भूमि में 5 कमरे और बनाकर एल.के.जी. से बारहवीं तक अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा भी प्रारम्भ कर दी और पीछे बची करीब 20000 गज भूमि में साढ़े चार करोड़ लगाकर महाविद्यालय का भी निर्माण करवा दिया जिसका नाम राजकीय महाविद्यालय, गंगाशहर रखा लेकिन चूंकि महाविद्यालय भीनासर में स्थित है और पूरी भूमि आचार्य श्री जवाहरलाल जी महाराज की स्मृति में खरीदी गई थी अतः भीनासर जाग्रति मंच ने महाविद्यालय का नाम आचार्य श्री जवाहर राजकीय महाविद्यालय भीनासर करने के लिए सम्बन्धित मंत्रियों व निदेशक, कॉलेज शिक्षा को पत्र लिखा जिसका निर्णय अभी होना बाकी है। वैसे यह राजस्थान का पहला ऐसा शिक्षण संस्थान है जहां 12वीं तक हिन्दी शिक्षा, 12वीं तक ही अंग्रेजी शिक्षा व स्नातक स्तर का महाविद्यालय एक ही परिसर में सुचारू रूप से चल रहा है।
  4. वर्ष 1974 में सेठ चम्पालाल जी बाँठिया ने करीब 1700 गज जमीन में बना अपना हॉल जहां आचार्य श्री जवाहरलाल जी महाराज का स्वर्गवास हुआ था अपने बड़े भाई सोहनलाल जी के साथ मिलकर श्री जवाहर विद्यापीठ को दान कर दिया जिसका नाम अपने पिताजी की स्मृति में सेठ हमीरमल जी बाँठिया स्थानकवासी जैन पौषधशाला, भीनासर रखा।
  5. सेठ जी के स्वर्गवास के बाद उनके पुत्र सुमति लाल बाँठिया ने अपने भाई बहिनों के साथ मिलकर आनन्द सागर की करीब 8000 गज भूमि श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ को वर्ष 2020 में दान कर दी वहां संघ द्वारा वर्तमान में ठंडे पानी की मशीन लगा रखी है और शीघ्र ही वेलनेस सेन्टर जिसमें प्राकृतिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा की सुविधा होगी, खुलने जा रहा है।
  6. वर्ष 2025 में सेठ चम्पालाल जी बांठिया धर्मार्थ ट्रस्ट की करीब 1500 गज भूमि ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुमतिलाल बाँठिया ने अन्य ट्रस्टियों के साथ मिलकर श्री साधुमार्गी जैन श्रावक समिति गंगाशहर, भीनासर को दान कर दी जिसमें जैन समाज के स्थानीय लोगों को 50/- में पूरा टिफिन प्रदान किया जाता है तथा बाहर से आने वाले श्रावकों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जाती है।
    भीनासर में सर्वाधिक भूमि दान करने वाले बाँठिया परिवार से सुमतिलाल बाँठिया को सम्मानित करने के अलावा मन्दिर समिति द्वारा बीकानेर बार एसोसियेशन के चौथी बार अध्यक्ष बनने पर अजय कुमार पुरोहित एडवोकेट, गौरी शंकर जी राठी, बाबू पनिया व अनिल कल्ला को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया।
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Prakash Samsukha

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