












बीकानेर, 26 जुलाई। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 रामलालजी म.सा., बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के चातुर्मास (समर्पण महोत्सव-2026 ) के उपलक्ष्य व सान्निध्य में भगवान महावीर मार्ग (गंगाशहर रोड) के आदिनाथ भवन में दो दिवसीय साधुमार्गी बीकानेर प्रवासी सम्मेलन संपन्न हुआ। सम्मेलन में शनिवार रात को देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पण रखने तथा जैनाचर्या पालन का संदेश देने वाले सांस्कृतिक तथा रविवार को खुला सत्र हुआ।
खुले सत्र में सम्मेलन के संयोजक वरिष्ठ श्रावक सुशील बैद ने हुक्मगच्छीय संघ के आचार्य गणेशीलालजी, नानालालजी के चातुर्मास की विनती, आय-व्यय का 71 वर्ष पूर्व का लेख-जोखा, उसमें सहयोगी श्रावकों के समर्पण भाव, साधुमार्गी मुनि व साध्वियों के विशाल सम्मेलन की जानकारी दी। वरिष्ठ श्रावक सुशील बच्छावत ने नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप करवाया तथा साधुमार्गी महिला समिति की जया गोलछा, वासु सिंगी, मोनिका कोठारी, सुमन बांठिया, स्नेहा सेठिया ने मंगलाचरण किया। साधुमार्गी जैन संघ बीकानेर के कन्हैयालाल बैद ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रवासी साधुमार्गी श्रावक-श्राविकाओं संगठित होकर देव, गुरु व धर्म के प्रति श्रद्धा, विश्वास व समर्पण रखे। जहां आचार्यश्री का चातुर्मास हो वहां अवश्य रूप में दर्शन वंदन के लिए जाएं। अपनी मातृभूमि बीकानेर में धर्म की ध्वजा को प्रतिष्ठित करने के लिए अपने सामर्थ्य,शक्ति व ज्ञान के अनुसार सहभागी बनें।
संघ के मीडिया प्रभारी अमित गोलछा ने बताया कि सम्मेलन में हावड़ा (कोलकाता) सघ के वरिष्ठ श्रावक विनय जैन, जयपुर के जसकरण तातेड़, बीकानेर साधुमार्गी जैन संघ के कार्याध्यक्ष सुरेन्द्र दस्साणी, साधुमार्गी जैन संघ के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र गोलछा, कोलकाता के वीर इंद्र चंद सेठिया, प्रवीण पटवा, वीरेन्द्र गेलड़ा, करीमगंज आसाम के जशकरण तातेड़, जयपुर के दिलीप सिंह बैद सहित अनेक प्रवासी बीकानेर निवासियों ने विचार व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि जीव हिंसा को रोकने के लिए मृत्यु के बाद गोबर के कंडों से दिवंगत जीव की अंत्येष्टि करें, अंतर जातिय विवाह, भौतिक संसाधनों की प्राप्ति में देव,गुरु व धर्म के प्रति नई पीढ़ी में श्रद्धा व विश्वास की कमी को रोकने के लिए अभिभावक नई पीढ़ी को जैन संस्कार व संस्कृति से जोड़ने के लिए सचेष्टता से कार्य करें। साधुमार्गी जैन संघ के जीवदया, नशा मुक्ति अभियान सहित विभिन्न प्रकल्पों में अपने धन का विसर्जन करें । अपने पुरुषार्थ को जागृत करें तथा एक जुट होकर एक समिति के माध्यम से दीर्धकालीन संघ के हितों के लिए कार्य करें। साधुमार्गी जैन संघ के सदस्यों को अधिकाधिक संख्या में जोड़कर उन्हें सक्रिय करें।
बीकानेर साधुमार्गी जैन संघ के मंत्री नवीन कोठारी ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष नवकार महामंत्र की प्रस्तुति देने वाली श्रीमती अलका डागा व पार्टी ने ’’जय-जय जय भगवान’, श्री अभिनंदन जिन स्तवन’’ ’’बताओं नाना, ऐसा क्या राम में पाया’’ तथा मीरा आदि के भजन गाकर श्रोताओं को साथ में स्वर मिलाने के लिए मजबूर कर दिया। श्रोताओं ने भी श्रद्धा व भक्ति के साथ श्रीमती डागा के साथ गाकर कार्यक्रम स्थल को राममय बना दिया। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन महिला समिति की सह कोषाध्यक्ष श्रीमती नीतू मणोत द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक ’’ चलो बीकानेर समर्पण चातुर्मास’’ श्राविकाओं व बच्चों ने जैन दर्शन, संस्कार व शिक्षाओं का संदेश दिया वहीं जीव िंहसा नहीं करने, अभक्ष्य भोजन व फास्ट फूड ग्रहण नहीं करने, देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पण रखने का संदेश दिया। नाटक में सह-निर्देशन व सहयोग श्रीमती टीसा पारख, विधि सुखलेचा व संजना सेठिया का रहा।












