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बीकानेर में वाहन चोरियों पर अंकुश लगाने की मांग, वरिष्ठ पत्रकार ने DGP को भेजा पत्र


चोरी निरोधक सेल गठित करने, कबाड़ियों की निगरानी और वाहन चोरी की एफआईआर तत्काल दर्ज करने सहित सात सुझाव दिए

बीकानेर। शहर में लगातार हो रही दुपहिया वाहन, साइकिल और अन्य चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर वरिष्ठ पत्रकार शिव कुमार सोनी ने राजस्थान के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है। उन्होंने वाहन चोरी से पीड़ित लोगों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और बीकानेर में विशेष ‘चोरी निरोधक सेल’ गठित करने का आग्रह किया है।

पत्र में सोनी ने दावा किया कि बीकानेर में प्रतिदिन कई दुपहिया वाहन और साइकिल चोरी होने के साथ घरों में चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में संबंधित थानों द्वारा वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज करने के स्थान पर केवल प्रार्थना-पत्र लिया जाता है। हालांकि, इन दावों पर पुलिस विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

दस्तावेज नहीं होने पर भी दर्ज हो एफआईआर

पत्र में बताया गया कि वाहन चोरी की शिकायत लेकर थाने पहुंचने वाले लोगों से पंजीयन प्रमाण-पत्र, बीमा और खरीद बिल जैसे दस्तावेज मांगे जाते हैं। कई बार ये दस्तावेज चोरी हुए वाहन में ही रखे होते हैं, जिससे पीड़ित तत्काल इन्हें उपलब्ध नहीं करवा पाता।

सोनी ने मांग की कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने में देरी नहीं की जाए। पुलिस दस्तावेजों का सत्यापन बाद में परिवहन विभाग और अन्य माध्यमों से कर सकती है।

उन्होंने बीकानेर पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाइयों की सराहना करते हुए कहा कि वाहन और अन्य चोरी की घटनाओं को रोकने तथा लंबित मामलों का खुलासा करने के लिए भी इसी प्रकार प्रभावी अभियान चलाया जाना चाहिए।

मई में चोरी हुई मोटरसाइकिल का अब तक नहीं लगा सुराग

शिव कुमार सोनी ने अपने पत्र में व्यक्तिगत मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी हीरो होंडा मोटरसाइकिल संख्या आरजे 07 एसपी 6689 गत 26 मई को पीबीएम अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग अस्पताल के पीछे आदर्श कॉलोनी क्षेत्र से चोरी हो गई थी।

उनके अनुसार चोरी की घटना और संदिग्ध व्यक्ति की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। इससे संबंधित फुटेज और तस्वीर तत्कालीन जयनारायण व्यास कॉलोनी थानाधिकारी को उपलब्ध करवा दी गई थी। इसके बावजूद मोटरसाइकिल का अभी तक पता नहीं लग पाया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित थानाधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक से भी कार्रवाई का आग्रह किया गया।

साइबर थाने की तर्ज पर बने चोरी निरोधक सेल

पत्र में सुझाव दिया गया है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्थापित विशेष व्यवस्था की तरह बीकानेर में भी चोरी निरोधक सेल बनाया जाए। इसमें जिले के विभिन्न थानों के उन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया जाए, जिन्हें वाहन एवं अन्य चोरी के मामलों का खुलासा करने का अनुभव हो।

यह सेल सभी थानों में दर्ज चोरी की घटनाओं की जानकारी एकत्रित कर उनके पैटर्न का विश्लेषण करे। सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की जानकारी और पुराने मामलों को आपस में जोड़कर जांच करने से चोर गिरोहों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

कबाड़ियों और वाहन स्क्रैप कारोबारियों की हो निगरानी

सोनी ने बीकानेर में संचालित सभी कबाड़ विक्रेताओं, विशेष रूप से दुपहिया वाहनों का स्क्रैप खरीदने वालों को थाना स्तर पर सूचीबद्ध करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि स्क्रैप बेचने आने वाले व्यक्ति की पहचान, मोबाइल नंबर, वाहन के कागजात तथा खरीदे गए सामान का रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए।

ऐसे प्रतिष्ठानों को निर्देशित किया जाए कि बिना कागजात के कोई वाहन या उसके महत्वपूर्ण पुर्जे बेचने आने पर संबंधित थाने को तत्काल सूचना दें। पुलिस अधिकारी भी समय-समय पर कबाड़ गोदामों और वाहन स्क्रैप प्रतिष्ठानों की आकस्मिक जांच करें।

टोल नाकों पर रखी जाए विशेष नजर

पत्र में मांग की गई है कि बीकानेर जिले के सभी टोल नाकों को किसी बड़े वाहन में दुपहिया वाहन ले जाए जाने की स्थिति में उसका रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए जाएं। इसमें दुपहिया वाहन और उसे ले जाने वाले वाहन का नंबर तथा संबंधित व्यक्ति की पहचान दर्ज की जाए।

टोल नाकों से प्राप्त जानकारी निर्धारित अंतराल में संबंधित पुलिस थाने और प्रस्तावित वाहन चोरी नियंत्रण सेल को भेजी जाए, जिससे चोरी के वाहनों को जिले से बाहर ले जाने की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।

थानों में वर्षों से खड़े वाहनों का हो सत्यापन

वरिष्ठ पत्रकार ने बीकानेर के विभिन्न पुलिस थानों में लंबे समय से पड़े दुपहिया वाहनों का परिवहन विभाग के माध्यम से सत्यापन करवाने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि इनमें से कई वाहन चोरी के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ उनका स्वरूप बदलने या क्षतिग्रस्त होने के कारण वास्तविक मालिक उन्हें पहचान नहीं पाते।

वाहन के चेसिस और इंजन नंबर का रिकॉर्ड परिवहन विभाग से मिलान कर मालिकों को सूचना दी जाए। उचित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सत्यापित वाहन संबंधित मालिकों को सौंपे जाएं।

वाहन चोरी की सूचना के लिए जारी हो सार्वजनिक नंबर

पत्र में साइबर अपराधों की तर्ज पर वाहन और अन्य चोरी की सूचना देने के लिए सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर जारी करने का सुझाव दिया गया है। इसके माध्यम से आम नागरिक संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस वाहनों और चोरी का वाहन बेचने या काटने की सूचना पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।

इसके साथ ही सभी थानाधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की गई है कि वाहन चोरी की शिकायत लेकर आने वाले लोगों के साथ शालीनता से व्यवहार किया जाए और उनकी रिपोर्ट समय पर दर्ज की जाए। पीड़ित व्यक्ति को स्वयं सीसीटीवी फुटेज जुटाने या संदिग्ध को खोजने के लिए कहने के बजाय पुलिस द्वारा जांच की जिम्मेदारी निभाई जाए।

संपर्क पोर्टल की शिकायतों पर भी हो प्रभावी कार्रवाई

सोनी ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल पर दर्ज वाहन चोरी संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेने तथा उनकी नियमित समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण करने के बजाय धरातल पर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पत्र के माध्यम से उन्होंने पुलिस महानिदेशक से बीकानेर में वाहन एवं अन्य चोरी की घटनाओं की समीक्षा करवाने, लंबित मामलों के खुलासे के लिए विशेष अभियान चलाने और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाने की मांग की है।

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Gordhan Soni

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