बीकानेर
जिले के राजकीय एमजीजीएस विद्यालय, बांधणू में 20 से 23 सितंबर तक आयोजित हुई जिला बालिका क्रिकेट प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन प्रक्रिया में भारी अनियमितता और दुर्भावना का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता बृजमोहन जाखड़ ने माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को लिखित शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बेहतर स्ट्राइक रेट के बावजूद वेटिंग लिस्ट से भी बाहर किया
शिकायतकर्ता अधिवक्ता बृजमोहन जाखड़ के अनुसार, उनकी पौत्री रौनक जाखड़ ने महारानी बालिका विद्यालय की ओर से प्रतियोगिता में भाग लिया था। 20 सितंबर को एलएनसी विद्यालय के खिलाफ मैच में रौनक ने 3 गेंदों पर 4 रन बनाए (स्ट्राइक रेट 133)। वहीं, इसी स्कूल की अन्य छात्रा, जिसने 10 गेंदों में मात्र 6 रन बनाए (स्ट्राइक रेट 60), उसका चयन राज्य स्तर के लिए कर लिया गया, जबकि रौनक को मुख्य टीम तो दूर, वेटिंग लिस्ट से भी बाहर कर दिया गया।
पुरानी रंजिश और साजिश का आरोप
जाखड़ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2025 में बज्जू में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान भी रौनक के बेहतर प्रदर्शन (3 पारियों में 24 रन) के बावजूद 1 रन बनाने वाली छात्रा का चयन किया गया था। उस समय की गई विभागीय शिकायत और अदालती प्रक्रिया की व्यक्तिगत रंजिश निकालते हुए इस बार मुख्य चयनकर्ता व अन्य पीटीआई ने मिलीभगत कर साजिश के तहत खिलाड़ी को बाहर किया।
नियम विरुद्ध 6-6 ओवर का मैच कराया, छात्रा गश खाकर गिरी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिना वीडियोग्राफी के मनमर्जी से टाई निकाली गई। मैच को भरी दोपहरी में दोपहर 1 बजे नियम विरुद्ध तरीके से मात्र 6-6 ओवर का कराया गया। नियमित रूप से ओपनर खेलने वाली रौनक को साजिश के तहत टू-डाउन भेजा गया, जहां दबाव और तेज धूप में दौड़ते समय छात्रा गश खाकर पिच पर गिर गई। इसके अलावा, प्रतियोगिता 23 सितंबर तक प्रस्तावित थी, लेकिन 22 सितंबर को ही समाप्त कर दी गई।
अधिवक्ता ने शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराने और पीड़ित पक्ष को सुनवाई का मौका देकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।









