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सरकार ने किया कर्मचारियों के साथ धोखा , फिर किया बजट से निराश , मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों को किया नामंजूर,, ना लाई निविदा ,संविदा पर कोई स्थाई नीति -भंवर पुरोहित, कर्मचारी नेता, रमेश उपाध्याय

सरकार ने किया कर्मचारियों के साथ धोखा , फिर किया बजट से निराश , मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों को किया नामंजूर,, ना लाई निविदा ,संविदा पर कोई स्थाई नीति -भंवर पुरोहित, कर्मचारी नेता, रमेश उपाध्याय

बीकानेर। बजट 2023 – एक बार फिर कर्मचारियों के लिए निराशाजनक रहा , मुख्यमंत्री महोदय द्वारा पेश किए गए बजट पर विरोध दर्ज कराते हुए अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर बजट से कर्मचारियों को निराश किया , कर्मचारी पर की मुख्य मांगों से अपना मुंह फेर कर, छोटी मांगों को पूरा करने पर ध्यान दिया गया, अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत के मंत्रालयिक शाखा के प्रदेश अध्यक्ष विजय सिंह राठौर ने बताया कि बजट में मंत्रालयिक कर्मचारियों के साथ फिर धोखा किया गया मंत्रालयिक कर्मचारियों की मुख्य मांग सचिवालय समान वेतन भत्ते उसे पूर्ण नहीं किया गया। एकीकृत महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता मनीष विधानी ने बताया कि सरकार ने 5 घंटे तक मीटिंग कर 18 जनवरी को बजट पर मंत्रणा की थी उससे पहले कमेटियां बना बना कर टाइम पास किया , खेमराज कमेटी की रिपोर्ट को ना तो सार्वजनिक की गई ना ही उनकी सिफारिशों को माना गया खेमराज कमेटी भी इस बात पर सहमत है कि सचिवालय पैटर्न मंत्रालयिक कर्मचारियों को मिलना ही चाहिए । ना ही निविदा संविदा , कोई स्थाई नीति लाई गई ,न‌ही वन विभाग के कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान दिया गया , जलदाय विभाग कर्मचारियों की मांग स्टोर मुंशी बनाना आदि बीच सफर में छोड़ दिया गया। भंवर पुरोहित ने बताया कि इससे कर्मचारियों में बहुत आक्रोश है , सरकार का यह आखिरी बजट था तो कर्मचारियों की अपेक्षाएं सरकार से थी और सरकार उस अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। वर्तमान में वन विभाग का आंदोलन चल रहा है, कर्मचारी नेता सुरेंद्र फौजी ने बताया कि वह लंबे समय से पुलिस वालों के बराबर वेतन भत्तों की मांग कर रहे हैं, सरकार ने आज बजट में उसकी कोई घोषणा नहीं करके उन्हें बहुत बड़ा आघात पहुंचाया है, महासंघ के तकनीकी प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा ने बताया कि की 2018 में की गई घोषणा संख्या 313 विनियोग विधेयक बिल 2018 में जलदाय विभाग में तकनीकी कर्मचारियों को स्टोर मुंशी बनाने की मांग पर 2018 में बजट घोषणा में गई थी परंतु आज तक की मांग मंजूर नहीं की गई है, सरकार ने विश्वास दिलाया था कि वह कोर्ट का रास्ता ना अपनाएं और ना ही इस बजट में इसको लागू करने के बारे में कोई विचार रखा गया। राज्य भर के जलदाय विभाग के कर्मचारियों में भी आक्रोश है, जल्द ही जयपुर में इस मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एकीकृत महासंघ के सचिव बजरंग लाल सोनी ने बताया कि लैब टेक्नीशियन कर्मचारियों को परमानेंट करने के मुद्दे पर भी सरकार ने यू-टर्न ले लिया। महासंघ के तकनीकी जिला अध्यक्ष बीकानेर श्अजय पाल सिंह ने बताया कि 1985 के बाद जलदाय विभाग में आज तक कोई नई भर्ती नहीं की गई जिसमें भी जिस पर आज कोई घोषणा नहीं हुई, पंचायत के अधीन जनता जल योजना के कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया और ना इसके बारे में कोई घोषणा की गई , इन कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त हो गया है महासंघ एकीकृत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने कहा ़कि कर्मचारी महासंघ एकीकृत फिर एक बड़े आंदोलन की घोषणा जल्दी कर सकता है कर्मचारियों में आक्रोश बरकरार है।

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Gordhan Soni

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