भाजपा के वरिष्ठ नेता व गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम किशोर तिवारी एक दिवसीय प्रवास पर नोखा आए,उनसे हुई वार्ता ।
प्रश्न – आप दोनों बार की कार सेवा में गए हैं अब अयोध्या धाम कब जाएंगे?
श्री तिवारी- कुछ समय पश्चात हमारी संस्था के 100-200 साधकों के साथ हमारे आराध्य प्रभु श्री राम के दर्शन करने अवश्य जाएंगे।
प्रश्न- जगह जगह कार सेवकों का सम्मान किया जा रहा है ,आप कहीं दिखाई नहीं दिए?
श्री तिवारी- मेरे जैसे कार सेवक दोनों बार कार सेवा में सम्मान की भूख अथवा राजनीतिक नफा की भावना से नहीं अपितु हृदय की गहराई से 500 वर्षों की गुलामी के कलंक को मिटाने गए थे।
प्रश्न- फिर भी?
श्री तिवारी – जो लोग आज कार सेवकों का सम्मान कर रहे हैं,वें या तो कार सेवा के समय बालक थे अथवा पूर्वाग्रह से ग्रसित है ।उन्हें उस समय का ज्ञान नहीं है ।प्रश्न – संघ कार्यालय या विश्व हिंदू परिषद के पास तो सूची होगी ?
उन्हें तो आपको याद करना चाहिए था ।
श्री तिवारी – समाज के लोग ही इन संगठनों में है और समाज की विकृतियों का इन संगठनों में आना स्वाभाविक है ,संघ में आज के ज्यादातर प्रचारक आदि 50 की उम्र से छोटे हैं और उनमें त्याग, निष्पक्षता ,सेवा ,की भावना की न्यूनता है ।
प्रश्न – पहले 1990 की कार सेवा में कार सेवकों पर गोलियां आपकी आंखों के सामने चली?
श्री तिवारी – नहीं ,उसे समय मुझे बरेली से गिरफ्तार कर शाहजहांपुर की जेल में 18 दिवस तक कैद में रखा था ।
प्रश्न – कुछ अनुभव बताएं?
श्री तिवारी – 1990 की कार सेवा के समय मैं भाजपा का संगठन महामंत्री था बीकानेर से सैकड़ो लोग ट्रेन से रवाना हुए परंतु कुछ लोगों ने नारेबाजी करके मुरादाबाद में और शेष लोगों ने जानबूझकर लखनऊ में विधानसभा के आगे पहुंचकर राजनीतिक उद्देश्य से गिरफ्तारियां दे दी ।
शेष वापस बीकानेर लौट आए ।मुझे भी मुरादाबाद में जेल तक ले गए परंतु मेरा नाम का वारंट नहीं होने से( क्योंकि मैंने जानबूझकर मेरा नाम सूची में बनाते समय गलत लिखवा दिया था )मुझे जेल से बाहर कर दिया गया ।
बाहर निकलते ही मुझे विजय शंकर पारीक मिला हम दोनों ने संघ की व्यवस्था से एक रात सूने मकान के तलघर में बिताई और अगले रोज बस द्वारा लखनऊ के लिए निकले ,परंतु जगह जगह सख्त तलाशी लेते-लेते हमें बरेली के बॉर्डर पर नीचे उतारकर गिरफ्तार कर लिया, नीचे उतरते ही मुलायम सिंह की राक्षसी पुलिस ने बरबरता से हमारा स्वागत किया ।
फिर वारंट बनकर आने के पश्चात हमें शाहजहांपुर की किशोर जेल में भेज दिया गया।
शाहजहांपुर की जेल के अधीक्षक श्री अवस्थी ने हमारे साथ बहुत ही अच्छा व्यवहार किया, वहां दिन में हम सुंदरकांड का पाठ हनुमान चालीसा और अखंड कीर्तन करते थे और रात्रि में प्रतिदिन भोजन के पश्चात सभा होती थी जिसमें मेरे सहित बरेली के मेयर राजकुमार अग्रवाल,तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ संतोष जोहरी ,सांसद राजवीर सिंह ,नवाबगंज के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष आदि के जोशीले भाषण होते थे और दूसरे रोज वहां के अखबारों में हमारे भाषण छपते थे
प्रश्न – दूसरी बार 1992 की कार सेवा के संस्मरण ?
श्री तिवारी – तब मैं भाजपा जिला अध्यक्ष था और मेरी अगुवाई में भाजपा के 40- 50 साथी और संघ के विभाग कार्यवाह महावीर सिंह जी यादव, संत नवल राम जी महाराज, राजा बाबू दमानी ,जैसे वरिष्ठ जनों के साथ-साथ मेरे महिला मोर्चा की अनेक बहिनें भी साथ में चली थी ।उस वक्त हम लोग 8 दिन तक अयोध्या में रहे ,सर्दी बहुत थी, टेंट रात होते ही भीग जाते थे।
मुख्यमंत्री व हिंदुओं की हृदय सम्राट कल्याण सिंह जी की सरकार ने कार सेवकपुरम में बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की थी ।हम 20-30 जन प्रतिदिन सरयू में स्नान को टेंपो से जाते थे कार सेवा के दिन एक मकान की छत पर बने मंच पर आडवाणी जी ,दीदी मां साध्वी ऋतंभरा ,आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज ,उमा भारती ,राजमाता सिंधिया आदि के भाषण चल रहे थे ,अचानक जोर की भगदड मची और कल्पना से परे आक्रोश,जुनून में वह सब कुछ शुरू हुआ जिसकी किसी को भी कल्पना नहीं थी, वहां भीड़ लाखों की थी परंतु ढांचे के भीतर में ओर गुंबद के ऊपर मेरी याद से मात्र 200- 250 लोग ही थे।
मैं चोटिल होकर ऊपर से नीचे गिरा तब मुझे यूआईटी के नंदू सोलंकी ने उठाकर अस्थाई बने अस्पताल में पहुंचाया, होश आने पर माइक से उद्घोषणा की गई और मेरे टेंट से मेरे साथी धर्म प्रकाश शर्मा, नरेंद्र भारद्वाज ,परमानंद ओझा, राजा बाबू दमानी ने मुझे उठकर टेंट में ले गए और मुझे डॉक्टर के परामर्श अनुसार 24 घंटे तक केवल शहद पिलाया गया ।
अगले रोज दोपहर में राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ललित किशोर जी चतुर्वेदी के आने पर हमने रामलला बिराजे की दीवार बनाने की पुनः कार सेवा की ।
प्रश्न- अब तो भव्य राम मंदिर का निर्माण प्रतिष्ठा महोत्सव हो गया है आप खुश है ना?
श्री तिवारी- यशस्वी प्रधानमंत्री के हाथों प्राण प्रतिष्ठा का समय मेरे लिए बहुत ही भावुक क्षण था।
22 जनवरी 2024 राष्ट्र में राम भक्तों के लिए अविस्मरणीय और सनातनी लोगों के लिए राम राज्य के नए युग की शुरुआत का दिन रहा ।
केवल भारत ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के सनातनी धन्य हुए हैं ।प्रश्न – क्या आप राजनीति से संन्यास ले चुके हैं ?
श्री तिवारी- लोकसभा बसंती चोला पहन जिस दिन आएगी ,गली गली मेरे भारत की वृंदावन बन जाएगी ।काशी मथुरा और अयोध्या ने ललकारा है ,कहो गर्व से हम हिंदू – हिंदुस्तान हमारा है ।
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