अणुव्रत को जन जन तक पहुँचाए – साध्वी राजीमती जी
नोखा – 6 जुलाई, 2025 अणुव्रत समिति, नोखा के वर्ष 2025-27 हेतु नव-नियुक्त



कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आज शासन गौरव साध्वी राजीमती जी के पावन सानिध्य में स्थानीय तेरापंथ भवन में प्रातः 10 बज े से सम्पन्न हुआ । सर्वप्रथम नव-नियुक्त अध्यक्ष रमेश कुमार व्यास ने शासन गौरव साध्वी राजीमती जी की अनुमोदना पश्चात् कार्यकारिणी की घोषणा की, जिसमे ं 14 मत्री परिषद के सदस्य, 8 विशेष आमंत्रित सदस्य व 18 कार्यकारिणी के सदस्य बनाय े गय े है । समारोह शासन गौरव साध्वी राजीमती जी ने अणुव्रत पर विस्तार से प्रकाश डाला ओर अधिकाधिक संख्या में लोगो को अणुव्रत समिति से जोड़न े का आहृवान करते हुए नोखा मे ं नय े आयाम स्थापित करने प्रेरणा दी । साध्वीजी ने अणुव्रत को संजीवनी बूंटी बताते हुए कहा कि छोटे छोट व्रतों के माध्यम से जीवन में परिवर्तन संभव है । अणुव्रत के माध्यम से जीवन को सुनियोजित रख सकते है । निर्वतमान अध्यक्ष मनोज घीया ने नव गठित कार्यकारिणी को अपने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई । बतौर अतिथि पधारे पालिका उपाध्यक्ष व समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य निर्मल कुमार भूरा ने अणुव्रत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए नव कार्यकारिणी को पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया । नव नियुक्त अध्यक्ष रमेशकुमार व्यास ने बताया कि अपने कार्यकाल में नशा मुक्ति, जीवन विज्ञान, पर्यावरण व समय समय पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा दिय े गय े निर्देशानुसार कार्य करना प्राथमिकता रहेगी । कार्यकारिणी में श्री इन्द्रचन्द बैद, श्री ईश्वर चन्द दुग्गड़, संरक्षक, श्री इन्द्रचन्द मोदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री राजेन्द्रसिंह राठौड़, श्री हंसराज भूरा, उपाध्यक्ष, श्री गजेन्द्र पारख, मंत्री, श्री रूपचन्द बैद, श्रीमति सुनीता खीचड़, सहमंत्री, श्री हरीकिशन शर्मा, कोषाध्यक्ष, श्री अनिल जैन, संगठन मंत्री, सुश्री भावना मरोठी, जीवन विज्ञान प्रभारी, श्री कैलास गोयल, सह जीवन विज्ञान प्रभारी, श्री राजेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी, विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में निर्मल भूरा, डॉ महेन्द्र संचेती, मनोज घीया, जयश्री भूरा मोहित जोशी, दिनेश उपाध्याय, गोतम लूणावत, सुशील भूरा, सुनील बैद, लाभचन्द छाजेड़, अश्विनी बैद, महावीर नाहटा, अभिषेक भूरा, अरिहन्त सखलेचा को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है । समारोह में पत्रकार पुखराज शर्मा भी साक्षी बने व महाराजश्री से आर्शीवाद लिया । कार्यक्रम संचालन करते हुए श्री इन्द्रचन्द बैद (कविराज) ने बताया कि व्रत से रोगो की चिकित्सा होती है, इच्छाए बढ़ रही ह ै उस पर नियंत्रण के लिए संयमित जीवन जरूरी ह ै













