
राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में IQAC के तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के चौथे दिन सेवानिवृत्त मुख्य लेखा अधिकारी, एस.पी. मेडिकल कॉलेज, श्री राजेंद्र कुमार खत्री प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राजकीय कार्यालयों में वित्तीय प्रबंधन, वित्तीय नियमों एवं राजस्थान सेवा नियम (RSR) से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती के माल्यार्पण एवं पूजन से हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रजनी रमण झा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात IQAC समन्वयक डॉ निधि अग्रवाल, डॉ राजपाल सिंह एवं डॉ सीमा व्यास ने श्री खत्री का सादर स्वागत किया।
अपने व्याख्यान में श्री राजेंद्र कुमार खत्री ने RSR के विभिन्न नियमों एवं वित्तीय प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राजकीय कोष से अनावश्यक व्यय से बचने, समय पर भुगतान करने, देय राशि का तत्काल भुगतान, सक्षम वित्तीय अधिकारी से उचित स्वीकृति प्राप्त करने तथा वित्तीय नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग भी उसी जिम्मेदारी और सावधानी से किया जाना चाहिए, जिस प्रकार व्यक्ति अपने निजी धन का उपयोग करता है।
उन्होंने वित्तीय शुचिता एवं वित्तीय अनुशासन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि आवश्यकता से अधिक व्यय से बचना तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना ही वित्तीय प्रबंधन का महत्वपूर्ण आधार है। साथ ही उन्होंने राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम (RTPP Act), 2012 के उद्देश्यों एवं प्रावधानों की जानकारी देते हुए पारदर्शिता और निष्पक्षता के महत्व को स्पष्ट किया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने अवकाश के अधिकार एवं प्रावधानों पर भी चर्चा की तथा CCL, PL और CL के उपयोग एवं संबंधित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में नियमों की समझ तथा उचित प्रक्रिया अपनाने को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में श्री खत्री ने नोटशीट लेखन की प्रक्रिया एवं उसकी उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा कार्यालयीन कार्यों में प्रभावी एवं नियमसम्मत नोटशीट तैयार करने के महत्वपूर्ण बिंदुओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंजली शर्मा एवं डॉ. रोहिताश ने मुख्य वक्ता श्री राजेंद्र कुमार खत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन को सभी संकाय सदस्यों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संकाय सदस्यों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में IQAC की ओर से मुख्य वक्ता को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ राधा सोलंकी ने किया।









