
बीकानेर, 14 नवंबर। जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने सोमवार को चकगर्बी में शिफ्ट परिवारों के बच्चों के साथ बाल दिवस मनाया। इस अवसर पर भामाशाहों के सहयोग से बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी का सामान और लंच बॉक्स उपलब्ध करवाए गए। इस दौरान कठपुतली के माध्यम से बालश्रम रोकथाम, बाल अधिकार एवं शिक्षा के विषय में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य है। इनका भविष्य सुरक्षित होगा तो देश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि चकगर्बी के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिससे इनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि अभिभावक भी बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। जिला प्रशासन द्वारा बच्चों को स्कूल में दाखिले के साथ इनके लिए बसों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से नशे से दूर रहने के लिए आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर की पहल पर श्रीगंगानगर रोड पर अवैध रूप से बसे परिवारों को चकगर्बी में शिफ्ट करवाते हुए, यहां सभी आधारभूत व्यवस्थाएं करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहां के 52 बच्चों को सरकारी विद्यालय में अस्थाई प्रवेश दिलाया गया है। पहले भी भामाशाहों के सहयोग से स्कूल के विद्यार्थियों को स्पोर्ट्स शू उपलब्ध करवाए गए थे।
बाल अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक कविता स्वामी ने बताया कि स्कूल में प्रवेशित बच्चों के स्थाई प्रवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज बनवाए जाएंगे। इसके लिए शिविर के माध्यम से बच्चों के आधार, जन आधार और जन्म प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न बनवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि स्कूल बैग और अन्य सामग्री एपीपी धीरज कड़वासरा एवं किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यअरविंद सिंह सेंगर द्वारा उपलब्ध करवाए गए हैं।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ.किरण सिंह तवर, सदस्य सरोज जैन, हर्षवर्धन, आईदान, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य किरण गौड़ अरविंद सिंह सेंगर, चाइल्ड हेल्पलाइन के चेनाराम, जिला बाल कल्याण अधिकारी अरुण सिंह शेखावत, किशोर गृह के कारागार अधिकारी राजेश चौधरी आदि मौजूद रहे।















